हिसार में मास्टर एथलीट बिमला देवी व तेजपाल सिंह अपने जीते हुए पदक दिखाते हुए।
हिसार। 75 वर्षीय बिमला देवी व उनके 79 वर्षीय पति तेजपाल सिंह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। हिसार के ग्लोबल स्पेस में रहने वाली बिमला देवी के घुटने में हुई इंजरी भी उनका हौसला कम नहीं कर पाई। इंजरी के दर्द को नकारते हुए बिमला देवी ने तीन गोल्ड व एक सिल्वर मेडल जीतकर हिसार का नाम रोशन किया गया है। उन्होंने 27 से 30 मार्च को बंगलूरू में आयोजित नेशनल वेटरन एथलेटिक्स प्रतियोगिता में हिसार का प्रतिनिधित्व किया। प्रतियोगिता में उन्होंने हैमर थ्रो, भाला फेंक व डिस्कस थ्रो में स्वर्ण जबकि गोला फेंक में रजत पदक जीता। इसके अलावा प्रतियाेगिता में बिमला देवी के पति तेजपाल ने पैदल चाल में कांस्य पदक जीता। तेजपाल सिंह भारतीय सेना से बतौर सैनिक सेवानिवृत्त हैं। हिसार पहुंचने पर दोनों का स्वागत किया गया।
लस्सी, देसी घी, हरा साग, बाजरा अर गेहूं की रोटी बरगा मजा किमै खाणे म्ह कोनी
बिमला देवी ने बताया कि 14 साल पहले खेलना शुरू किया था और अब तक 64 मेडल जीत चुकी है। उसके पति तेजपाल लंबे समय से खेलों से जुड़े हुए हैं। एक बार वे बस में चढ़ते समय चोटिल हो गए थे। कुछ साल खेल से दूर रहने के बाद पति ने फिर से खेलना शुरू किया। पूरी तरह स्वस्थ नहीं होने के बावजूद चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जाने लगे तो उनके बेटों ने कहा कि मां तुम भी पिता के साथ चले जाओ। बिमला ने बताया कि जब वह अपने पति के साथ गई तो उसने भी खेल में भाग ले लिया। तब से वह खेल रही है। पति-पति दोनों के करीब 150 मेडल हैं। बिमला देवी ने कहा कि लस्सी, देसी घी, हरा साग, बाजरे की अर गेहूं की रोटी बरदा मजा किमै खाणे में कोनी। युवाओं को बर्गर, पिज्जा समेत अन्य फास्ट फूड से दूर रहना चाहिए।