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वंचित वर्गों के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार : जांगड़ा

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डॉ. भीमराव आंबेडकर के 66वें महापरिनिर्वाण दिवस समारोह में मंच पर बैठे मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद ? - फोटो : Hisar
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हिसार। बाबा साहब ने दुनिया का सबसे बेहतरीन संविधान दिया। उन्होंने संविधान में प्रत्येक वर्ग के लिए व्यवस्था कर सामाजिक उत्थान का काम किया। उनके द्वारा दिए गए अच्छी शिक्षा, आपसी एकता व संघर्ष करने के मूल मंत्र पर चलकर समस्त समाज विशेषकर वंचित वर्ग को आगे बढ़ने के अवसर मिले। शिक्षा के बिना कोई भी समाज आगे नहीं बढ़ सकता इसलिए वंचित वर्गों के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। यह कहना है भाजपा के राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा का।
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वह रविवार को बाबा साहेब डॉ. भीम राव आंबेडकर के 66वें परिनिर्वाण दिवस पर संत कबीर छात्रावास में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता रतिया के विधायक लक्ष्मण सिंह नापा ने की। विधायक डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि बाबा साहेब एक ऐसी शख्सियत थे जिनके जीवन की प्रत्येक घटना से काफी कुछ सीखने को मिलता है।
मेयर गौतम सरदाना ने संस्था की तरफ से रखी गई मांग पर फव्वारा चौक से गंगवा तक की सड़क का नाम संत कबीर मार्ग करने की घोषणा की। रतिया के विधायक लक्ष्मण सिंह नापा ने कहा कि बाबा साहेब के दिखाए मार्ग पर चले और राष्ट्र की उन्नति में अपना योगदान दें। सांसद ने छात्रावास में कमरों के निर्माण के लिए 21 लाख रुपये अनुदान देने की भी घोषणा की। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष कैप्टन भूपेंद्र वीर चक्र, सीनियर डिप्टी मेयर अनिल, पूर्व आईजी डॉ. दलबीर भारती, पूर्व पुलिस अधीक्षक पूर्ण चंद पंवार, डॉ. उमेद खन्ना, सतीश सुरलिया, संस्था प्रधान रोशन लाल, जोगीराम खुडिया, कैप्टन तुलाराम, अत्तर सिंह, रतन कुमार, सुंदर नागर मौजूद रहे।
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एससी वर्ग की जिन जातियों ने बाबा साहब की बातों पर अमल किया, उसने की तरक्की
राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि देश के आजाद होने के बाद जवाहर लाल नेहरू ने पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
इस पर पत्रकार उनकी टिप्पणी लेने के लिए आधी रात को घूम रहे थे। जब वह नेहरू पास के गए थे तो सो रहे थे। जब पत्रकार पटेल के पास पहुंचे तो वह भी सो रहे थे। इसके बाद पत्रकार बाबा साहब के पास पहुंचे तो वह जाग रहे थे। पत्रकारों ने उनसे उनके जागने का कारण पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि उनका समाज जागा हुआ है तो वह आराम से सो रहे हैं। मेरा सामाज सोया हुआ है तो मैं उन्हें जगाने के लिए जाग रहा हूं। रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि एससी वर्ग की जिन जातियों ने बाबा साहब की बातों पर अमल किया, वह समाज तरक्की कर गया। मगर जिसने अमल नहीं किया, वह पीछे रह गया। उन्होंने समाज के लोगों से सभी मूढ़ मान्यताओं को भी त्यागने का आह्वान किया।
मेरी मां ने मुझे डरने वाला दूध नहीं पिलाया
जांगड़ा ने कहा कि 5 नवंबर को नारनौंद में विश्वकर्मा जयंती पर मेरी गाड़ी पर हमला हो गया। मैंने कहा कि किसी को भागने की जरूरत नहीं है। यहीं रहो, मंच लगाओ व माइक लगाओ, मैं यहीं से पूरा काम करके जाऊंगा। मेरी मां ने मुझे डरने वाला दूध नहीं पिलाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को डरपोक बनाने की बजाय निर्भयी बनाए। जितनी भी अनुसूचित जातियां है, किसी का डीएनए कमजोर नहीं है। ये सभी क्षत्रिय थे।
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