हिसार। पुलिस से डरें नहीं बल्कि पुलिस को अपना दोस्त समझें। किसी मुसीबत में होने पर 112 नंबर पर कॉल करें। महिलाएं-बेटियां मदद के लिए 1091 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकती हैं। यह कहना है डीएसपी भारती डबास का। वह शुक्रवार को होली चाइल्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची थी।
उन्होंने कहा कि स्कूल का समय विद्यार्थियों का गोल्डन टाइम होता है। इसमें हमने अपने लक्ष्य से ध्यान हटाया तो जिंदगी भर पछताएंगे। इसलिए अर्जुन की तरह मछली की आंख पर केंद्रित रख अपने करिअर को चुनें। मोबाइल आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। इस डिजिटल युग में हम इससे दूरी नहीं बना सकते। इसका सही उपयोग कर खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। ओलंपिक खेलों में भी हमारे लड़के-लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। आज के समय में बेटा-बेटियां बराबर हैं। महिला सशक्तीकरण अपने घर से शुरू करना चाहिए। बेटों को भी छोटे-मोटे घर के काम कराने में सहयोग करना चाहिए। किचन के काम में भी किसी तरह से शर्म या हिचक नहीं होनी चाहिए। इस दौरान विद्यार्थियों को साइबर क्राइम और यातायात के नियमों के बारे में अवगत कराया गया।
स्कूल के निदेशक डॉ. आरएस सिंधु ने कहा कि छात्राओं को भारती डबास से संबोधन से नई ऊर्जा मिली है। छात्राएं आईपीएस, आईएएस बनने के लिए प्रेरित हुई। छात्राओं को पुलिस के बारे में कुछ डर रहता है। वह डर भी इस आयोजन से खत्म हुआ। कार्यक्रम में प्राचार्य आरके ठाकुर ने संचालन करते हुए अतिथियों का आभार जताया।
डीएसपी भारती डबास के द्वारा दी गई जानकारी काफी अहम रही। उसे डायल 112 व 1091 नंबर के बारे में जानकारी नहीं थी। इस बारे में जानकारी मिलने पर वह चाहती है कि डीएसपी से दोबारा मुलाकात हो, ताकि उनसे और ज्यादा जानकारी हासिल करे। मैं उन्हें अपना मार्गदर्शक बनाना चाहती हूं। सीमा गुप्ता, छात्रा, 12वीं कक्षा
डायल 112 नंबर के बारे में जानकारी नहीं थी। आज उसे इसकी जानकारी मिली। वह अपने घर के अन्य सदस्यों को भी इसकी जानकारी देगी। भविष्य में अच्छे मुकाम के लिए अच्छा मार्गदर्शक होना जरूरी है। इसलिए मैं चाहती हूं कि समय-समय पर डीएसपी की तरह ही उन्हें मोटिवेशनल लोग मिलें। - कोमल सिहाग, छात्रा, 12वीं कक्षा
पुलिस देख डर लगता है। आज महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी मिली। साथ ही साइबर क्राइम से बचने के तरीके जानें। मैं चाहती है कि इसी तरह का कार्यक्रम स्कूल में हर महीने हों। आज बेटा-बेटी बराबर है, लोगों को भी इस भेदभाव को भूल जाना चाहिए। - ऐना जांगड़ा, छात्रा, 12वीं कक्षा
आज का कार्यक्रम सभी के लिए एक सुनहरा अवसर था। कई विशेष जानकारियां मिलीं। एक आम व्यक्ति अक्सर साइबर क्राइम का शिकार हो जाता है। ऐसे में बचाव कैसे करें, ये जानकारी होना आवश्यक है। पुलिस की पाठशाला में सीखने को मिला कि हम भविष्य में उच्च मुकाम पर किस तरह पहुंच सकते हैं। - संदीप सोनी, छात्र 12वीं कक्षा
उसे डायल नंबर 112 की जानकारी नहीं थी। इसके अलावा साइबर क्राइम किस-किस तरह से होता है। इनके बारे में डीएसपी ने काफी बेहतर जानकारी दी। डीएसपी की ओर से दी जाने वाली सभी जानकारी सभी के लिए लाभकारी रही। हमें निर्धारित लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ना चाहिए। - विकास यादव, छात्र, 12वीं कक्षा
आज के कार्यक्रम में पता चला कि सोशल मीडिया जितना हमारे लिए फायदेमंद है, उससे कहीं ज्यादा नुकसानदेह भी साबित हो सकता है। हमें मोबाइल का प्रयोग करते समय हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी तरह के अनावश्यक लिंक पर क्लिक नहीं करना है। पुलिस प्रशासन इसी तरह से जागरूकता कैंप चलाए तो क्राइम बिलकुल खत्म हो जाएगा। - अरविंद, छात्र, 12वीं कक्षा