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चिकित्सक रहे हड़ताल पर, सीएमओ-पीएमओ ने संभाली ओपीडी

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हिसार- नागरिक अस्पताल में हड़ताल के दौरान ओपीडी में मरीजों की जांच करते सीएमओ डॉ. रत्ना भारती। - फोटो : Hisar
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हिसार। हरियाणा सिविल सर्विसेज मेडिकल एसोसिएशन की हड़ताल के कारण मंगलवार को सरकारी अस्पताल समेत स्वास्थ्य केंद्रों पर 2 हजार ओपीडी प्रभावित रही। इस दौरान सीएमओ और पीएमओ ने कुछ मरीजों का स्वास्थ्य जांचा। जिले में करीब 150 सरकारी चिकित्सक हड़ताल पर रहे। इस दौरान ऑपरेशन वाले मरीजों को दवा लेकर घर भेज दिया।
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नागरिक अस्पताल के सभी चिकित्सकों ने मांगों को लेकर मंगलवार को सांकेतिक धरना दिया। चिकित्सकों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर सुबह 9 बजे से लेकर 4 बजे तक प्रदर्शन किया। फिजिशियन ओपीडी का कार्यभार एक दिन के पीएमओ डाक्टर गोबिंद गुप्ता ने संभाला। गायनी ओपीडी को खुद सीएमओ डॉ. रत्ना भारती ने संभाला। चिकित्सकों की हड़ताल के एलान के चलते मरीज कम संख्या में ही पहुंचे थे। ऑर्थो ओपीडी, जनरल सर्जरी, ओपीडी के साथ ऑपरेशन थियेटर भी बंद रहे। एसोसिएशन ने सीएमओ का मांग पत्र सौंपा।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन का कहना है कि अगर उनकी मांगों को नही माना गया तो 14 जनवरी को आपातकालीन सेवाओं व पोस्टमार्टम भी बंद कर दिए जाएंगे। महासचिव डॉ. विक्रम गोरिया ने कहा कि सरकार के ऐसे व्यवहार को देखकर लग रहा है कि डॉक्टर नहीं बनना चाहिए था। डॉ. सुरेश कौशिक ने कहा कि कोरोना काल में सभी डॉक्टर 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। हमारी साथी डॉक्टर अपनी जान तक गंवा चुके हैं। तीसरी लहर में हमने होनहार चिकित्सक डॉ. शिल्पी को खोया है। कुछ चिकित्सक सुबह अपनी हाजिरी दर्ज कराने के बाद ड्यूटी से गायब हो गए।
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सुबह 9 बजे ओपीडी में आ गए थे। उसके बाद सभी वार्ड में दौरा करके मरीजों का हालचाल जाना। काफी समय के बाद ओपीडी को संभाला है। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि मरीजों को मैं खुद अटेंड कर रही हूं। सुबह से दोपहर तक मैंने करीब 20 मरीजों का चेकअप किया है। - डॉ. रत्ना भारती, सीएमओ हिसार
अच्छा लगा काफी समय बाद ओपीडी में बैठ कर। मरीजों का सुबह 9 बजे से चेकअप कर रहे हैं। मैंने फिजिशियन ओपीडी को संभाला। ओपीडी संभाल कर मरीजों का चेकअप किया। खांसी-जुकाम के मरीज ओपीडी में आ रहे है। डॉ. गोबिंद गुप्ता, पीएमओ हिसार
मरीज रहे परेशान
चिकित्सकों के हड़ताल पर जाने से कुछ मरीज परेशान नजर आए। कुछ मरीज ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंचे लेकिन चिकित्सक न होने की वजह से उन्हें घर लौटना पड़ा। कुछ मरीज ओपीडी के बाहर चिकित्सकों का इंतजार करते नजर आए।
बरवाला निवासी 65 वर्षीय जिले सिंह ने बताया कि उसकी हालत काफी खराब है। पेट में पानी भर जाने की वजह से डॉक्टरों ने ऑपरेशन बोला था। मंगलवार को ऑपरेशन होना था लेकिन हड़ताल की वजह से ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टर न होने की वजह से उन्हें 3 दिन की दवा देकर घर भेज दिया गया।

नागरिक अस्पताल में हड़ताल के चलते बाहर बैठकर विरोध जताते चिकित्सक।- फोटो : Hisar

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