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Hisar News: पांच साल में चौथी बार शुरू हुआ बेसहारा पशु मुक्त शहर अभियान

Sat, 17 Feb 2024 08:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हिसार में पशु पकड़ने के अ​भियान का निरीक्षण करने पहुंचे पशुपालन उप निदेशक डॉ. सुभाष जांगड़ा।
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हिसार। जिला टास्क फोर्स की निगरानी में शनिवार से बेसहारा पशुओं को सड़कों से हटाने का अभियान शुरू किया गया। पहले दिन दिल्ली रोड पर गांव सातरोड के पास नगर निगम की टीम ने 44 गोवंशों को पकड़ा। अभियान में ग्रामीणों ने भी सहयोग किया। पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. सुभाष जांगड़ा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि रोजाना 200 पशुओं को पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है। एक महीने में सड़क से सभी बेसहारा पशु हटा दिए जाएंगे।
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जिले को बेसहारा पशु मुक्त बनाने के लिए एक बार फिर से अभियान शुरू हो गया। सबसे पहले 2019 में व्यापक स्तर पर पशु पकड़ने का अभियान चलाया गया था। लेकिन विरोध के बाद इसे बंद करना पड़ा था। नगर निगम ने सितंबर 2023 में पशु पकड़ो महा अभियान फिर से शुरू किया। तीसरी बार दिसंबर 2023 में यह अभियान चलाया गया। इन अभियान के बाद भी शहर को बेसहारा पशु मुक्त नहीं किया जा सका।
अब पशुपालन विभाग गोशालाओं को आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) के लिए आर्थिक सहायता मुहैया करवाएगा। इसके तहत गोशालाओं को सात हजार रुपये प्रति पशु के हिसाब से राशि दी जाएगी। यह राशि उन्हीं गोशालाओं को दी जाएगी जो शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त करने के लिए अभियान में अपना योगदान देगी। इसके अलावा गोशालाओं को पशुओं के चारे के लिए अलग से खर्च दिया जाएगा
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चारे के लिए ये दिया जाएगा खर्च
पशुपालन विभाग की तरफ से गोशालाओं को बछड़ाें के लिए 20, गायों के लिए 30 और नंदी के लिए 40 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से चारे का खर्च दिया जाएगा। हालांकि अभी तक यह राशि 1.58 रुपये थी।


नई गोशालाओं को भी दी जाएगी आर्थिक मदद
इसके अलावा विभाग नई गोशालाओं को भी आर्थिक मदद देगा। विभाग की मानें तो नई गोशालाओं को 10 हजार रुपये प्रति पशु के हिसाब से राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल 62 पंजीकृत गोशालाएं हैं।

जिले में बेसहारा पशुओं की स्थिति
पशुपालन विभाग के अनुसार जिले की सड़कों पर करीब आठ हजार बेसहारा पशु हैं, जिनमें से करीब साढ़े पांच हजार बेसहारा पशु हिसार शहर की सड़कों पर हैं। विभाग के मुताबिक जिले की काफी गोशालाएं इन पशुओं को लेने को तैयार हैं। विभाग के अनुसार डोभी नंदीशाला में पांच हजार नंदी, कुरुक्षेत्र गोशाला में एक हजार गोवंश, शालीग्राम गोशाला तलवंडी राणा में 300 गोवंश भेजे जाएंगे। वहीं कंवारी गोशाला में 250, कापड़ो में 150, उकलाना मंडी में 200, आदर्श सनातन गोशाला में 100, हांसी में एक हजार, सैनीपुरा गोशाला में 200, बरवाला गोशाला में 100, पाबड़ा में 100, बिठमड़ा में 100, जुगलान में 50, बालक में 200 व मंगाली में 200 गोवंश भेजे जाएंगे।


बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार को टीम थोड़ी देरी से आई इस कारण पहले दिन कम पशु पकड़े गए। हम रोजाना 200 पशु पकड़ने के लक्ष्य के हिसाब से काम करेंगे। एक महीने तक यह अभियान चलाया जाएगा, फिलहाल नंदियों को पकड़ा जा रहा है। पकड़े गए नंदियों को डोभी गोशाला भेजा गया है। डॉ. सुभाष जांगड़ा, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग।
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