पंचायत में फैसला सुनाते सदस्य। संवाद
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नारनौंद। गांव डाटा में किसान परिवार के सामाजिक बहिष्कार प्रकरण को खापों ने 26 दिन बाद खत्म करवाया। सोमवार को गांव डाटा में रोघी खाप चबूतरे पर खापों की पंचायत हुई। अध्यक्षता रोघी खाप प्रधान रोशन लाल ने की, जिसमें इस विवाद को निपटाते हुए दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया गया।
समझौते के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के गले मिलाया। खापों ने किसान परिवार के सामाजिक बहिष्कार के फैसले को गलत बताया और दोनों पक्षों को गांव में भाईचारा बनाए रखने की सलाह दी। जिसको दोनों पक्षों स्वीकार कर लिया और भविष्य में सभी ने एक साथ मिलकर रहने का आश्वासन दिया। जिसके बाद पंचायत बहिष्कार किए गए परिवार के घर गई और वहां पर सभी ने मिलकर लड्डुओं से मुंह मीठा किया और एक साथ चाय पी। वहीं पंचायत ने राजबीर व बिंद्र को 5100-5100 रुपये जुर्माना भी वापस करवा दिया।
यह था मामला
सामाजिक बहिष्कार और केस दर्ज होने के बाद गांव में दोनों पक्षों के बीच तनातनी का माहौल बना हुआ था। इसी को देखते हुए सोमवार को रोघी खाप, सतरोल खाप, सातबास खाप, पूनिया खाप, पंचग्रामी खाप ने पंचायत का आयोजन किया। इस पंचायत में दोनों पक्षों को बुलाकर पूरे प्रकरण के बारे में जानकारी ली गई व पक्षों को सुना गया। पूरे विवाद को सुनने के बाद पंचायत ने फैसला सुनाया कि किसान सुरेश उर्फ लाला के बहिष्कार का फैसला पूरी तरह से गलत था व जल्दबाजी में लिया गया फैसला था, जिसके लिए पंचायत दोषी है। वहीं सुरेश उर्फ लाला को भी पूरे गांव की बात मानकर रैली में शामिल होने से परहेज करना चाहिए था। पंचायत में शमशेर लाडवा, फूलकुमार पेटवाड़, मुकेश लोहान, संजीव नम्बरदार, हांसी सदर थाना प्रभारी रामफल, रणबीर मलिक, रतीराम सहित अन्य मौजूद रहे।
तिरंगा यात्रा में शामिल करने पर सुनाई थी सजा
गांव डाटा निवासी सुरेश उर्फ लाला ने 11 अगस्त को कैप्टन अभिमन्यु के नेतृत्व में नारनौंद में आयोजित हुई तिरंगा यात्रा में अपनी कंबाइन व ट्रैक्टर पर तिरंगा झंडा लगाकर शामिल हुआ था। 12 अगस्त की सुबह डाटा के रोघी खाप के चबूतरे पर एक पंचायत कर परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला सुना दिया था। वहीं 13 अगस्त को चबूतरे पर पंचायत कर परिवार से मिलने वाले आठ लोगों पर 5100-5100 रुपये भी वसूला गया था।