हिसार। सेक्टर 9-11 के चर्चित प्रोजेक्ट आरसिटी मामले में पुलिस ने प्रोजेक्ट से जुड़े 10 डायरेक्टरों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में 11 शिकायतकर्ताओं ने करीब दो माह पहले हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) पंचकूला के समक्ष शिकायत दी थी। रेरा ने प्रोजेक्ट के फोरेंसिक जांच के आदेश दिए थे।
मामले के अनुसार वर्ष 2007 में सेक्टर 9-11 में रिजेंसी पार्क के नाम से हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसे तीन साल में पूरा करना था। मालिकों ने वर्ष 2011 में फ्लैट्स की बुकिंग की। खरीदारों ने 60 प्रतिशत पैसा जमा करा दिया और उस समय 300 फ्लैट बिके थे। मालिकों ने केवल कंकरीट का ढांचा खड़ा किया और इसे पूरा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। बाद में शिकायतकर्ता सरिता सेठी व अन्य, अनिल कुमार, अंजना गुप्ता, पूजा सिंगल, रेखा सिंगल, सीमा सिंगल, पूजा सिंगल, शीला देवी, परवीर आर्य साजन कुमार साबू और आरसिटी रिजेंसी पार्क अपार्टमेंट बॉयर्स एसोसिएशन के 80 सदस्यों ने रेरा के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज करा दी। रेरा के आदेश पर हुए फोरेंसिक ऑडिट में प्रोजेक्ट में काफी कमियां पाई गईं, जिसमें प्रोजेक्ट का पैसा दूसरी कंपनी के खातों में ट्रांसफर करने, रजिस्ट्री में कृषि भूमि दिखाकर स्टांप ड्यूटी की चोरी करने जैसी कमियां शामिल थीं। अब इस मामले में अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने आरसिटी के डायरेक्टर राजेंद्र मित्तल, उनकी पत्नी सरोज रानी, बेटे कुशल मित्तल व अरुण मित्तल, राजेश साड़ी वाले राजेश बंसल, सिटी स्क्वेयर के मालिक शम्मी नागपाल, विंध्या पाइप के मालिक श्यामसुंदर गोयल, व्यवसायी राजेंद्र चौधरी, नितिन गर्ग और रविकांत के खिलाफ धारा 420, 406, 468, 471, 477ए के तहत केस दर्ज किया है। जांचकर्ता एसआई सोमबीर सिंह के अनुसार फिलहाल केस दर्ज कर लिया है और जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।