हिसार। कोरोना के नए केस लगातार कम होने के बाद भी मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में बुजुर्ग और छात्रा की मौत और 41 नए केस मिलने की पुष्टि हुई है। कोरोना संक्रमित बडाला निवासी 63 वर्षीय बुजुर्ग जिदंल अस्पताल तो नारनौंद क्षेत्र की 28 वर्षीय छात्रा गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उपचाराधीन थी। छात्रा ने कोरोनारोधी वैक्सीन लग चुकी थी, जबकि बुजुर्ग को नहीं लगी थी। तीसरी लहर में अब तक 25 संक्रमित अपनी जान गंवा चुके हैं।
जिले में अभी 465 सक्रिय केस हैं, अगर अस्पताल में भर्ती मरीजों की बात करें तो मंगलवार शाम तक नागरिक अस्पताल में एक मरीज, अग्रोहा मेडिकल में 7 मरीज ऑक्सीजन पर हैं, यहां कुल 20 मरीज भर्ती हैं। जिले में 22 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हैं, कोविड केयर सेंटर में 15 कैदियों का उपचार चल रहा है। वहीं, दूसरी डोज के लिए कम लोग आगे आ रहे हैं। इसका एक कारण यह भी है कि अब सरकारी संस्थाओं या अन्य जगहों पर कोरोनारोधी टीकाकरण का प्रमाण पत्र भी नहीं जांचा जा रहा है।
डॉ. तरुण ने बताया कि एक लाख 96 हजार लोगों को दूसरी डोज नहीं लगवाई है। वहीं 93.3 प्रतिशत लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज जबकि 63.3 फीसदी ने दूसरी डोज लगवाई है। 15 से 17 आयु वर्ग के 85 हजार विद्यार्थी हैं, जिनमें से 60231 को टीका लग चुका है। 30 जनवरी को पोर्टल में दिक्कत होने की वजह से किशोरों में वैक्सीन का डाटा 68430 रहा जोकि गलत था। उन्होंने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी का टीकाकरण हो चुका है। मंगलवार को 5406 लोगों ने वैक्सीन लगवाई।
युवाओ में भी टीकाकरण का जोश कम हो गया है। कोविड के कारण स्कूल बंद हो गए थे। स्कूलों के खुलने के बाद युवाओं में टीकाकरण ज्यादा होने की उम्मीद है। सरकारी स्कूलों में टीकाकरण लगभग पूरा हो चुका है। प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियां होने के कारण टीकाकरण नहीं हो पाया। - डॉ. तरुण, डिप्टी सिविल सर्जन
कोरोना से रिकवर होने के बाद कुछ मरीजों में कमजोरी, दर्द जैसी समस्याएं जा रही हैं। ऐसे में मरीज नागरिक अस्पताल में पोस्ट कोविड उमंग ओपीडी में उपचार करवा रहे हैं। इसमें मरीजों की काउंसिलिंग करके डाइट के बारे में बताया जाता है। - डॉ. सुभाष खतरेजा, डिप्टी सीएमओ