हिसार। जिले में खुलने वाली खेल नर्सरियों के लिए कोच की ओर से सर्वे कर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की गई। अब खेल विभाग की ओर से रिपोर्ट पंचकूला मुख्यालय भेजी जा चुकी है। अब मुख्यालय ही मानकों के आधार पर खेल नर्सरियों पर फाइनल मुहर लगाएगा।
खेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिन खेल नर्सरियों में कोच ने निरीक्षण किया था, उनमें कुछ न कुछ कमियां पाई गई हैं। किसी में खेल ग्राउंड नहीं तो किसी में कोच की व्यवस्था नहीं मिली थी। किसी में सामान तक नहीं था। उल्लेखनीय है कि खेल नर्सरियों के लिए प्राइवेट, सरकारी स्कूलों के अलावा क्लबों की ओर से आवेदन किए गए थे। इस दौरान खेल विभाग के पास 175 आवेदन खेल नर्सरियां के लिए जमा हुए थे।
सर्वे के लिए कोच ने बनाए थे ए, बी, सी और डी ग्रेड
खेल नर्सरियों के लिए सर्वें के दौरान कोच की ओर से ए, बी, सी और डी ग्रेड बनाया गए थे। ए ग्रेड में लिखा गया था कि नर्सरियों के लिए कोच, इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ी है या नहीं। बी ग्रेड में लिखा गया कि कोच नहीं है, बाकी सभी सुविधाएं हैं। सी ग्रेड में लिखा गया कि खेल नर्सरियों के लिए खिलाड़ी कम हैं। खिलाड़ियों का रूझान कम है, लेकिन ग्राउंड मौजूद हैं। वहीं डी ग्रेड में दर्शाया गया कि खेल नर्सरियों के लिए ग्राउंड नहीं है, बाकी सभी सुविधाएं है।
खिलाड़ियों को मिलेगी डाइट राशि
खेल नर्सरी के तहत अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को डाइट राशि भी दी जाएगी। नर्सरी में 8 से 14 साल के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 1500 रुपये और 15 से 19 साल के खिलाड़ियों को 2000 रुपये डाइट के रूप में राशि मिलेगी।
खेल नर्सरियों के लिए फिजिबिलिटी जांची जा चुकी हैं। हमारी ओर से रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। अब मुख्यालय ही मानकों के आधार पर खेल नर्सरियों पर फाइनल मुहर लगाएगा।
- हरमेश चंद्र, योग अधिकारी