हिसार के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में रविवार को मुख्यमंत्री जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को लेकर 428 से शिकायतें आई थी। शिकायत ज्यादा होने के कारण कुछ विभागों के ग्रुप बना दिए गए जबकि कुछ विभागों की शिकायत थी मुख्यमंत्री ने खुद सुनी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 200 शिकायतें और अधिकारियों ने करीब डेढ़ सौ शिकायतें सुनी और उनका समाधान किया।
कार्यस्थल पर मच अफरी-तफरी
ज्यादा टाइम लगने पर मुख्यमंत्री ने बाकी शिकायतकर्ता उससे उन्हें शिकायत की कॉपी वह अधिकारियों से शिकायत पर की गई कार्रवाई की कॉपी जमा करवाने को कहा ताकि शिकायतों का जल्द निदान हो सके। हालांकि इससे कार्यक्रम स्थल पर थोड़ी अफरा-तफरी मच गई। इस पर सीएम ने आश्वासन दिया कि जो शिकायतें ली जा रही है उन सब का समाधान हर हाल में करवाया जाएगा और इसे लेकर शिकायतकर्ता को फोन पर भी जानकारी दी जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने काम में लापरवाही बरतने पर कई अधिकारियों को लताड़ लगाई और उनके खिलाफ कार्रवाई की भी धमकी दी।
लोगों का भला करो
बिजली निगम से रिटायर्ड ओमप्रकाश ने शिकायत दी कि उसे 6 महीने देरी से पेंशन के लाभ दिए। सीएम ने कहा कि 44 लाख पेंशन तो मिली गई। ओमप्रकाश ने कहा कि हां मिल गई,परंतु अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई चाहिए। सीएम ने कहा कि गरीबों की सहायता करों, मेरे पास किसी का फोन आया तो तुम्हारा नंबर दूंगा।
अधिकारियों को लगाई लताड़
दयालपुरा के मनीराम ने शिकायत दी कि व्यवसायिक कनेक्शन लेने पर बिजली निगम ने सात हजार के सामान के पैसे नहीं दिए। साथ ही मीटर स्लो होने पर 16 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया। सीएम ने डीएचवीपीएन के अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि आपकी गलतियों का खामियाजा जनता क्यों भुगते। सीएम ने उसे पैसे लौटाने के आदेश दिए।
एसडीएम को शाम तक गलती ढूंढने के आदेश
राजस्व विभाग से रिटायर्ड जगदीश ने कहा कि उसकी पेंशन 1 जनवरी 2016 से रिवाइज होनी थी। परंतु उसे रिवाइज पेंशन का लाभ नहीं मिला। इस पर सीएम ने एसडीएम को शाम तक गलती करने वाले और गलती किस आधार पर हुई, इसकी जांच करने के आदेश दिए।