चरखी दादरी। जिला प्रशासन ने दल-बल के साथ सात जिलों से जुड़े ग्रीन कॉरिडोर (एनएच-152 डी) के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। एक हजार पुलिस कर्मियों के निगरानी में गांव खातीवास में अधिगृहीत की गई जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई शाम तक चली। इससे पहले कार्रवाई के विरोध में उतरे 14 किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई में चार जिलों (सोनीपत, भिवानी, रोहतक और चरखी दादरी) की पुलिस फोर्स खातीवास में डेरा डाले रही।
वीरवार सुबह करीब छह बजे प्रशासनिक अमला और एनएचएआई अधिकारी खातीवास गांव पहुंच गए। अधिगृहीत जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई के लिए चार जिलों से एक हजार पुलिसकर्मी खातीवास गांव पहुंचे, जिनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहीं। स्थिति को भांपते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के अलावा एसडीएम विरेंद्र सिंह और एसपी दीपक गहलावत भी मौके पर मौजूद रहे। सुबह कार्रवाई शुरू होने पर पहले ही किसानों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान किसान ने जेसीबी के सामने अड़ गए। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 किसानों के हिरासत में ले लिया। इसके बाद कार्रवाई का विरोध नहीं हुआ और शाम पांच बजे तक पुलिस फोर्स वहां डेरा डाले रही, जबकि एनएचएआई की ओर से जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई की गई।
मुआवजा राशि से संतुष्ट नहीं किसान
बता दें कि 230 किलोमीटर लंबा एनएच-152 डी (नारनौल के गंगहेड़ी से कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद तक) चरखी दादरी के अलावा महेंद्रगढ़, भिवानी, जींद, कुरुक्षेत्र, करनाल व कैथल से होकर गुजरेगा। अन्य सभी जिलों में अधिगृहीत जमीन पर कब्जा लेने की कार्रवाई हो चुकी है, जबकि चरखी दादरी जिले के 18 गांवों में से 17 गांव मुआवजा राशि ले चुके हैैं। खातीवास के 439 किसान करीब 70 एकड़ जमीन इस परियोजना के तहत अधिगृहीत हुई है और 45 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा राशि से जमीनों के मालिक संतुष्ट नहीं हैं। यहां अधिगृहीत जमीन पर कब्जा न लिए जाने से ग्रीन कॉरिडोर निर्माण पर पेच फंसा हुआ था।
उपायुक्त से मिले फौगाट खाप के पदाधिकारी
इस संबंध में फौगाट खाप-19 के पदाधिकारियों ने मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए डीसी प्रदीप गोदारा से मुलाकात की और उन्होंने 11 दिसंबर को खाप पदाधिकारियों को किसानों की कमेटी के साथ बातचीत के लिए बुलाया है।
दो दिन पहले गांव में बैठक करने पहुंचे थे अधिकारी
वीरवार को हुई कार्रवाई से दो दिन पहले एसडीएम विरेंद्र सिंह और डीएसपी जोगेंद्र सिंह किसानों से वार्ता करने पहुंचे थे। वार्ता में भी किसान मुआवजा राशि से संतुष्ट नहीं हुए थे। इसके बाद प्रशासनिक अमला गांव से लौट आया था।
मुआवजा राशि बढ़वाने के लिए किसान आर्बिटेशन का सहारा ले सकते हैं। पहले हुई बातचीत में भी हमने उन्हें इस संबंध में बताया है। सरकार के भारत माला प्रोजेक्ट का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और वीरवार को 10 प्रतिशत बचे निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए कब्जा कार्रवाई की गई है। - विरेंद्र सिंह, एसडीएम
खातीवास के कब्जा कार्रवाई के दौरान मौजूद पुलिस फोर्स को निर्देश देता कमांडिंग ऑफिसर।- फोटो : CharkhiDadri