बहंगी लचकत जाऐ, मईया लम्बी उम्र करना सजना की... लोकगीत को गुनगुनाते हुए डूबते सूरज को अर्घ्य देकर पूर्वांचलवासियों ने भगवान सूर्यदेव से मन्नतें मांगी।
छठ पूजा उत्सव के दौरान शहर में पूर्वांचल की संस्कृति देखने को मिली। पूर्वांचलवासियों ने जिंदल पार्क के सरोवर तथा सेक्टर 1-4 स्थित नहर घाट पर पूजा-अर्चना की।
इससे पहले पूजा स्थल तक श्रद्धालु ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे। कई तरह के छाजों में पूजा सामग्री रखकर परिवार व समाज की सुख-शांति की मनोकामना मांगी गई।
पूर्वांचल जनसेवा समिति के छठ पर्व में मुख्य संसदीय सचिव डॉ. कमल गुप्ता की पत्नी डॉ. प्रतिमा गुप्ता भी शामिल हुईं।
महिलाओं ने गाए छठ मईया के मंगल गीत
नहर घाट व जिंदल सरोवर पर एकत्रित हुई महिलाओं ने मंगल गीत गाए। बच्चों ने ढोल नगाड़ों पर थिरकते हुए पूर्व का उल्लास मनाया।
कार्यक्रम संयोजक शिवपूजन मिश्र ने बताया कि इसके बाद सभी ने सूर्यास्त के समय ठेकुआ, फल, गन्ना, संतरा आदि से सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की।
अब बुधवार की सुबह सूर्योदय के समय सूरज को अर्घ्य देकर व्रत करने वाले श्रद्धालु छठ व्रत का पारण करेंगे।
हांसी में दिखी धार्मिक एकता
पूर्वांचल जन कल्याण संगठन समिति की हांसी इकाई द्वारा रेलवे रोड स्थित नहर पर छठ पूजा की गई। जिसमें पानी के अभाव में टैंकरों से पानी डलवाकर पूजन किया गया।
छठ पर्व पर हांसी में धार्मिक एकता देखने को मिली। पूर्वांचलवासियों के इस पर्व में मुस्लिम समुदाय के उस्मान खान व उनके साथियों ने रात्रि जागरण से लेकर छठ पूजा के हर कार्यक्रम में पूरा सहयोग दिया।
हांसी इकाई प्रधान मुरलीधर पांडेय ने बताया कि यहां हिंदू-मुस्लिम एकता की सच्ची मिसाल देखने को मिली है।