हिसार। शहर सहित जिलेभर में शुक्रवार को बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री के बेसहारा गोवंश मुक्त हरियाणा मुहिम के तहत यह 15 दिनों के लिए अभियान चलाया जाएगा। शहर में यह अभियान निकाय व गांवों में पंचायतों के माध्यम से चलाया जाएगा। शहर पहुंचे हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
श्रवण गर्ग नगर निगम के ढंढूर स्थित गोअभयारण्य में गए। उन्होंने निगम अधिकारियों व गोअभयारण्य का रखरखाव कर रही गोसेवा फाउंडेशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्हाेंने कहा कि चूंकि पहले चरण में नंदी पकड़े जाएंगे जो नंदी यहां लाए जाएंगे, उनका वर्गीकरण करें। देसी नस्ल के अच्छे नंदियों को गोशालाओं को दिया जाएगा, जबकि क्रॉसब्रीड नस्ल के नंदी गोअभयारण्य में रखे जाएंगे। निगम अधिकारियों ने चेयरमैन को बताया कि अभी तक वह प्रतिदिन 50 से 60 गोवंश ही पकड़ रहे थे। मगर शुक्रवार को यह संख्या 200 कर दी जाएगी। इसके लिए तहबाजारी टीम की भी मदद ली जाएगी। पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वह गोअभयारण्य में आने वाले पशु की टैगिंग का कार्य करेंगे। अगर किसी पशु को इलाज की जरूरत पड़ती है तो उसे इलाज उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर में करीब 3 हजार नंदी सड़कों पर हैं।
लुवास में भ्रूण प्रत्यारोपण लैब का किया दौरा
इस दौरान चेयरमैन श्रवण गर्ग ने लुवास में भ्रूण प्रत्यारोपण लैब का दौरा किया। इस तकनीक को लेकर उन्होंने वैज्ञानिकों के साथ विचार विमर्श भी किया। इसके अलावा इस तकनीक से बछड़ा-बछड़ी पैदा करने के लिए चयनित किए गए गोवंश को भी देखा।
जिले में गोशालाएं 9400 गोवंश लेने काे तैयार
पत्रकारों से बातचीत में चेयरमैन गर्ग ने बताया कि जिले में गोशालाएं 9400 गोवंश लेने को तैयार हैं। जिले में वर्तमान में 62 पंजीकृत गोशालाएं हैं। उन्होंने बताया कि गोअभयारण्य में और 15 एकड़ की चहारदीवारी की गई है। यहां जल्द ही शेड भी बनाए जाएंगे। गोअभयारण्य के लिए दी गई पूरी 50 एकड़ जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुभाष जांगड़ा, लुवास के अनुसंधान निदेशक डॉ. नरेश जिंदल भी मौजूद रहे।