रिश्वत मामले में फंसे ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुरेश चौधरी के खिलाफ केस दर्ज हुए आज एक महीना हो चुका है, लेकिन अभी तक विजिलेंस टीम उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। शिकायतकर्ता ने डीजीपी, एसपी और एसएचओ को पत्र लिख विजिलेंस की जांच पर संदेह जताया है।
शिकायतकर्ता हांसी के रामायण गांव निवासी रामबिलास ने मांग की है कि आरोपी सुरेश चौधरी के लुकआउट और रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाएं। जवाब दो-हिसाब दो एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सरदाना ने बताया कि लुकआउट नोटिस जारी होने से सुरेश चौधरी के जगह-जगह पोस्टर जारी होंगे, जिससे उसे पकड़ने में विजिलेंस को आसानी होगी। उन्होंने पत्र में मांग की है कि मामले में क्रप्शन एक्ट की धारा 11 व 12 जोड़ी जाए और धारा 18 के तहत सुरेश चौधरी की प्रॉपर्टी की जांच करवाई जाए।
जांचकर्ता पर सुरेश चौधरी से मिलीभगत के आरोप
शिकायतकर्ता रामबिलास ने आरोप लगाया कि मामले में जांचकर्ता इंस्पेक्टर अनिल सोढी जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। वह सुरेश चौधरी को बचाने की फिराक में हैं। आरोप है कि इंस्पेक्टर अनिल सोढी ने सुरेश चौधरी से मिलीभगत कर रखी है। इसी उद्देश्य से इस मामले में धाराएं भी पूरी नहीं लगाई गई थी। अदालत के आदेश के बाद भी अभी सिर्फ धारा 120बी ही जोड़ी गई है।
सुरेश चौधरी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। मामले में धारा 120बी जोड़ी गई है। बाकी धाराएं वकील से विचार कर जोड़ दी जाएंगी। - जांचकर्ता, इंस्पेक्टर अनिल सोढी, विजिलेंस, सिरसा