हिसार। बरवाला व हिसार द्वितीय खंड का कार्यभार संभाल रहे खंड विकास पंचायत अधिकारी भगवान दास को गबन के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस बारे में पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमित झा ने आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायतें भंग होने के बाद पंचायत खातों में बचे फंड की बड़े स्तर पर गड़बड़ियों की शिकायत मिल रही थी। बरवाला से विधायक जोगीराम सिहाग ने ग्रीवांस कमेटी की बैठक में बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह सिंह के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। विधायक ने उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी से इस बारे में जानकारी मांगी थी। इसके अलावा पंचायतों के विकास कार्यों के अलावा गांवों में बने जोहड़ों की मछली पालन के लिए करवाई गई बोलियों में भी बीडीपीओ की संदिग्ध भूमिका थी। कुछ समय तक बीडीपीओ भगवानदास जिले के 9 ब्लॉक में से 5 का चार्ज संभाले हुए थे। लगातार हो रही शिकायतों के बावजूद उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
ग्राम सचिव ने लगाया था दो लाख रुपये मांगने का आरोप
कुछ समय पहले बीडीपीओ भगवानदास पर किराड़ा के ग्राम सचिव देवेंद्र सिंह ने दो लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था। देवेंद्र ने बताया कि बीडीपीओ भगवान दास ने उसे हिसार अपने घर बुलाया और उससे दो लाख रुपये की मांग की। जब उसने बीडीपीओ की मांग को अस्वीकार कर दिया तो बीडीपीओ ने उसके खिलाफ अग्रोहा थाना में मामला दर्ज करवा दिया। गांव किराड़ा में 5.80 लाख रुपये पंचायती फंड के गबन के मामले में बीडीपीओ भगवान दास ने ग्राम सचिव देवेंद्र के खिलाफ अग्रोहा थाना में एफआईआर दर्ज करवाई थी।
मुझे किस कारण निलंबित किया गया कोई जानकारी नहीं है। मैंने अपनी टीम के साथ कोरोना आपदा में लोगों का जीवन बचाने का प्रयास किया। निलंबन के बारे में उच्च अधिकारियों से मिलेंगे। क्षेत्र के लोग डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। - भगवानदास, बीडीपीओ, हिसार