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32 घंटे, 900 किमी के सफर में बैठे रहने से बब्बर शेर शिवा के पैर हुए जख्मी, उपचार शुरू

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हिसार। इंदौर से 900 किलोमीटर का सफर तय कर बब्बर शेर शिवा शनिवार दोपहर भिवानी के चिड़ियाघर पहुंचा। इस दौरान करीब 32 घंटे तक गाड़ी में रखे पिंजरे में बैठे रहने और बार-बार पांव मारने से शिवा के पैरों में जख्म हो गए। अब उसका उपचार शुरू किया गया है। 21 दिन तक शिवा को क्वारंटीन किया गया है।
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इंदौर के जू हेड कीपर वाजिद ने बताया कि वैसे तो रोजाना शिवा को 10 किलो चिकन दिया जाता है, लेकिन लंबे सफर के कारण उसे उल्टी न हो, उसकी तबीयत न बिगड़े, इसलिए उसे पांच किलो ही चिकन दिया गया था। वाजिद ने बताया कि शिवा का पूरा ख्याल रखा गया। इंदौर से चलने के बाद रात को जयपुर रुके। यहां से फिर सुबह भिवानी के लिए रवाना हुए। इंदौर से शिवा को ट्रक में लाया गया। इस दौरान ट्रक की स्पीड सिर्फ 40 से 45 के बीच रखी गई, ताकि शिवा को कहीं चोट न लग जाए। शिवा का पिंजरा छोटा था, इसलिए वह घूम नहीं सका। एक ही जगह बैठा रहा। कई घंटे तक बैठे रहने से उसके पैरों में जख्म हो गए।
जंगल के राजा शिवा का स्वभाव शांत
इंदौर से पहुंचा बब्बर शेर शिवा का स्वभाव शांत बताया जा रहा है। यहां आने के बाद उसे 15 मिनट के अंदर दूसरे पिंजरे में शिफ्ट कर दिया गया है। शिवा को दो दिन बाद नहलाया जाएगा। जू में उसकी पूरी केयर रखी जाएगी। वहीं यहां नया शेर पहुंचने के बाद अब पांच से छह माह में शावकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
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भिवानी के चिड़ियाघर में शिवा पहुंच चुका है। शिवा का स्वभाव भी काफी शांत है। पैरों में जख्म हो गए, उसे एंटी बायोटिक दवाइयां दी जाएगी। - वेद प्रकाश, डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर, वन एवं वन्य जीव संरक्षण विभाग
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