हिसार। अमरूत 2.0 के तहत शहर में 80 किलोमीटर लंबी नई पेयजल लाइन बिछाई जाएगी। यही नहीं शहर के सभी जलघर आधुनिक स्काडा तकनीक से लैस किए जाएंगे। वीरवार को चंडीगढ़ मुख्यालय में जनस्वास्थ्य विभाग के चीफ के साथ हुई बैठक में विभाग के अधिकारियों ने भविष्य में अमरूत 2.0 के तहत किए जाने वाले पेयजल व सीवर संबंधी कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में चीफ इंजीनियर ने अधिकारियों को इसे लेकर कुछ सुझाव भी दिए।
बता दें कि अमरूत 1.0 के तहत पेयजल व सीवर संबंधी विकास कार्य करवाने की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई थी। इसके तहत शहर में करीब 130 किलोमीटर की पेयजल लाइन व सीवर लाइन बिछाने को मंजूरी मिली। सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, जबकि पेयजल लाइन बिछाने का काम अभी बचा हुआ है। अब सरकार ने अमरूत 2.0 लॉन्च कर दिया है। मगर इस बार इसकी जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई है। इसी को लेकर विभाग ने प्लानिंग करनी शुरू कर दी है। विभाग की तरफ से अपने स्तर पर सर्वे करवाया जा रहा है। साथ ही पार्षदों की भी इसमें मदद ली जा रही है।
30 साल पुरानी लाइनों को बदलने की योजना
अमरूत 2.0 के तहत शहर में जहां भी 30 साल से पुरानी पेयजल लाइन है, वहां नई लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में अभी तक पेयजल लाइन नहीं है, वहां भी लाइन बिछाई जाएगी। शहर में विभाग के पांच जलघर हैं, जिनमें आजाद नगर, कैमरी रोड, महाबीर कॉलोनी, दिल्ली बाईपास व सिरसा रोड स्थित जलघर शामिल है। फिलहाल दिल्ली बाईपास स्थित जलघर ही स्काडा तकनीक से लैस है। अमरूत 2.0 के तहत बाकी जलघरों को भी इस तकनीक से लैस किया जाएगा।
अब विभाग खुद देगा कनेक्शन
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जहां-जहां पेयजल लाइनों को बदला जाएगा, वहां-वहां विभाग अब खुद कनेक्शन भी देगा। इससे पहले अमरूत 1.0 में एजेंसी की तरफ से लाइन बिछाने के बाद लोगों को अपने स्तर पर ही कनेक्शन लेने पड़े थे। इसके अलावा बारिश के पानी की निकासी के लिए भी प्रावधान बनाया जाएगा।
सीवर लाइन को लेकर नगर निगम से नहीं मिली पूरी रिपोर्ट
अमरूत 2.0 में 30 साल पुरानी सीवर लाइन बदलने के साथ नई लाइन बिछाने का काम भी किया जाएगा। चूंकि अमरूत 1.0 में नगर निगम ने यह काम करवाया था। अभी तक निगम प्रशासन ने जनस्वास्थ्य विभाग को कंप्लीशन रिपोर्ट नहीं सौंपी है। कंप्लीशन रिपोर्ट की मदद से जनस्वास्थ्य विभाग को यह पता चलेगा कि किन-किन एरिया में सीवर लाइनों को बदला गया है और कहां-कहां नई लाइन बिछाई गई हैं।
चंडीगढ़ मुख्यालय में वीरवार को चीफ इंजीनियर के साथ अमरूत 2.0 को लेकर बैठक हुई। बैठक में हमारी तरफ से अब तक की तैयार की गई रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अभी इस पर और काम करना बाकी है। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार करने में अभी समय लगेगा। - बलविंद्र नैन, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग