हिसार। एकीकृत विमानन हब के रूप में स्थापित हो रहे हिसार एयरपोर्ट पर रनवे की लंबाई बढ़ाने का कार्य प्रगति पर है। रनवे की लंबाई को 3300 मीटर तक बढ़ाया जाना है, जिसके लिए दो वर्ष पहले 164 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हुआ था। फिलहाल 2600 मीटर रनवे पर एक पहली लेयर डाली जा चुकी है। चंडीगढ़ रोड और धान्सू रोड के कारण तीन टुकड़ों में कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार मई 2022 तक रनवे का कार्य पूरा होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट को 7200 एकड़ जमीन पर विकसित किया जा रहा है। इसके विस्तार के बाद इसकी संचालन क्षमता में बढ़ोतरी होगी। बड़े कार्गो विमान यहां उतर सकेंगे।
टीसीएस तैयार कर रही है रोड मैप
देश की प्रमुख कंसलटेंसी कंपनी टीसीएस/टाटा कंसलटेंसी सर्विस हिसार को व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने व अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के विस्तारीकरण को लेकर रोड मैप बना रही है। पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का अधिकार इस कंपनी को दिया गया है।
एयरपोर्ट विस्तार की आगामी योजनाएं
1. हवाई अड्डे के नीचे बनेगा रेलवे स्टेशन, हाई स्पीड ट्रेन चलेंगी
हिसार स्थित एयरपोर्ट से दिल्ली तक हाई स्पीड ट्रेन चलाने के प्रोजेक्ट को रेलवे प्रशासन ने जुलाई 2019 में मंजूरी दे दी थी। इस योजना के तहत हाई स्पीड ट्रेन मात्र 90 मिनट में हिसार से दिल्ली का रास्ता तय करेगी। यह ट्रेन बीच में कहीं नहीं रुकेगी। इसके लिए स्टेशन भी हिसार एयरपोर्ट के नीचे अंडरग्राउंड बनाया जाएगा, ताकि पूरी सुरक्षा व्यवस्था से यात्रियों को गुजारा जा सके। हांसी-महम रेल लाइन पूरी होने के बाद यह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ने की संभावना है।
2. पायलटों को मिलेगा प्रशिक्षण
हवाई अड्डे पर प्रति वर्ष कम से कम 100 कैडेट पायलटों को प्रशिक्षण मिलेगा। इसके लिए स्पाइस जेट लिमिटेड हवाई अड्डे पर बड़ा फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री ने सितंबर 2019 में इसकी घोषणा की थी।
3. रात को उतर सकेंगे बड़े हवाई जहाज
हवाई अड्डे को अत्याधुनिक बनाया जाएगा, जिससे यहां रात को भी बड़े हवाई जहाज उतर सकेंगे। कम विजिबिलिटी में जहाज को उतरने की समस्या से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीक युक्त लाइट स्थापित करने का प्रस्ताव है।
हिसार एयरपोर्ट पर बने एमआरओ में ठीक होंगे जहाज
दूसरे चरण में एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉलिंग) भी बनाए जाने की योजना है। यानी अब छोटे जहाजों की मरम्मत के लिए दिल्ली से विमानों को नागपुर या अन्य देशों में नहीं जाना पड़ेगा। अब तक जहाजों की मरम्मत के लिए उन्हें नागपुर या विदेशों में ले जाना पड़ता है। विदेशों में जहाजों की मरम्मत से बड़ी मात्रा में पैसा भी विदेशों में चला जाता है। हिसार में एमआरओ बनने से न केवल देश का पैसा देश में रहेगा, बल्कि जहाजों को ठीक करवाने के लिए अधिक दूरी भी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे समय और संसाधन भी बचेंगे।
ये होंगी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की विशेषताएं
- 7200 एकड़ जमीन पर बनेगा
- 3300 मीटर का रनवे बनेगा
- तीसरे चरण में मुख्य रनवे के साथ दूसरा रनवे भी बनाया जाएगा
- एयर कार्गो- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कार्गो विमान उतर सकेंगे
- माल ढुलाई व ट्रक आदि के लिए अलग टर्मिनल बनेगा
- घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पैसेंजर के लिए अलग-अलग टर्मिनल होंगे
- 50 एयरक्रॉफ्ट के लिए पार्किंग जगह
- रेल यातायात से एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा
जानिए किस फेज में कौन सा काम होगा
प्रथम चरण
डीजीसीए लाइसेंस मिल चुका
- एनवायरमेंट क्लीयरेंस मिल चुकी
- रनवे की लंबाई 3300 मीटर का निर्माण जारी
- घरेलू उड़ानें (एयर टैक्सी) शुरू हुई। चंडीगढ़, धर्मशाला, जम्मू व देहरादून के लिए
द्वितीय चरण
- छोटे स्तर का एमआरओ
- फिक्सड बेस ऑपरेशंस (एफबीओ)
- डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग एंड डिफेंस एमआरओ
- हेंगर्स
- एयर ट्रैफिक सर्विस
तीसरा चरण
- एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग
- एविएशन ट्रेनिंग सेंटर एंड एविएशन यूनिवर्सिटी
- इंटरनेशनल एयरपोर्ट
- एयरोट्रोपॉलिस-कमर्शियल एंड रेजीडेंशियल
इन प्रस्तावों पर हो रहा विचार-मंथन
- बल्क ड्रग पार्क की स्थापना
- एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ भूमि को मेडिसिटी के रूप में विकसित करना
- पर्यटन, कृषि, पशुपालन हब, एयरक्राफ्ट इंडस्ट्री, बड़ी फार्मा कंपनियां, राडार, फिल्म सिटी की स्थापना
हिसार का इंटरनेशनल एयरपोर्ट हरियाणा नहीं देश की पहचान होगा। अप्रत्याशित तेजी से एयरपोर्ट विकसित हो रहा है। तीन फेज में इसका काम होना है। इसमें पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। एयरपोर्ट का रनवे तैयार होने के बाद यहां नाइट लैंडिंग की सुविधा भी मिलेगी। दूसरे फेज का काम अप्रैल 2022 तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद एविएशन हब का काम शुरू हो जाएगा। हजारों युवाओं के सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा। आसपास के कई जिलों को इसका फायदा होगा। - डॉ. कमल गुप्ता, विधायक, हिसार