हिसार। शहर के एयरपोर्ट चौक से बरवाला चुंगी तक बरसाती नाले के निर्माण के एस्टीमेट को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा टेंडर भी लगा दिया गया है। सात साल बाद अब यह योजना सिरे चढ़ने जा रही है। इस बरसाती नाले से सेक्टर 1-4, 3-5 व मेला ग्राउंड को जोड़ा जाएगा। इससे बारिश के दिनों में होने वाले जलभराव की समस्या से इन्हें छुटकार मिलेगा।
बता दें कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से सेक्टर 1-4 से बरवाला चुंगी तक बरसाती नाले का निर्माण किया जाना प्रस्तावित था, जिस पर 13 करोड़ 52 लाख 45 हजार रुपये की लागत आनी थी। बरवाला चुंगी पर इस नाले को बरसाती डिस्पोजल से जोड़ा जाना था। विभाग ने सेक्टर 1-4 से एयरपोर्ट चौक तक बरसाती नाले का निर्माण कर दिया था। मगर एयरपोर्ट चौक से बरवाला चुंगी तक बरसाती नाले का निर्माण कार्य आज तक लटका पड़ा है।
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6 साल में एनएचएआई ने दी अनुमति -
एयरपोर्ट चौक से बरवाला चुंगी तक यह बरसाती नाला नेशनल हाईवे के साथ-साथ बनाया जाना है। एचएसवीपी ने इसके लिए जून 2013 में एनएचएआई से अनुमति मांगी जो उसे जुलाई 2019 में मिली। जिस जमीन पर यह नाला बनाया जाना है, वह जमीन भी राजकीय पशुधन फार्म की थी। राजकीय पशु फार्म की तरफ से एचएसवीपी को वर्ष 2020 के शुरुआत में 0.50 एकड़ जमीन मिली। इसके अलावा दिसंबर 2019 में इसकी डीएनआईटी भी मंजूर हो गई।
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सारी प्रकियाएं हुईं पूरी तो एस्टीमेट की समय सीमा खत्म -
उधर जब नाले के निर्माण को लेकर सारी औपचारिकताएं पूरी हो गईं तो दूसरी तरफ एस्टीमेट की समय सीमा पूरा हो गई। अधिकारियों की मानें तो किसी भी एस्टीमेट की समय सीमा पांच वर्ष तक की होती है। अगर इस समय सीमा में काम शुरू नहीं होता है तो एस्टीमेट को फिर से मंजूर करवाना पड़ता है। तब से लेकर अब तक एस्टीमेट को दोबारा से मंजूरी देने के लिए स्थानीय अधिकारी मुख्यालय के साथ पत्राचार में लगे हुए थे।
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विधानसभा में उठा था मुद्दा -
यह मुद्दा इस साल विधानसभा में भी उठाया गया था। विधायक जोगीराम सिहाग ने यह मुद्दा उठाया था। इसके अलावा कई वर्षों से हाउस की मीटिंग में यह मुद्दा उठाया जाता रहा है। अमर उजाला ने भी इस मुद्दे का प्रमुखता से 18 अगस्त को अपने अंक में प्रकाशित किया था।
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इन क्षेत्रों को होगा फायदा -
इस बरसाती नाले के बनने से सेक्टर 1-4, सेक्टर 3-5, मिल गेट, व मेला ग्राउंड सेक्टर को फायदा होगा। चूंकि अभी तक इन एरिया के बरसाती नालों को किसी भी डिस्पोजल से जोड़ा नहीं गया है। इस कारण से बारिश के दिनों में इन एरिया के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
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वर्जन
बरसाती नाले के एस्टीमेट को फिर से मंजूरी मिल गई है। साथ ही नाले के निर्माण को लेकर टेंडर भी लगा दिया गया है। हालांकि अभी टेंडर खोलने की अनुमति नहीं मिली है। इस बारे में विधायक जोगीराम सिहाग से बात हुई थी। वह अनुमति दिला देंगे।
भूपेंद्र सिंह, एक्सईएन, एचएसवीपी
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वर्जन
इस कार्यकाल की तीनों हाउस की मीटिंग में मैंने यह मुद्दा उठाया था। अब विभाग जल्द से जल्द से इस काम को पूरा करे, ताकि लोगों की समस्या का समाधान हो सके।
- मनोहर लाल, पार्षद, वार्ड 7
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