बस अड्डे के पिछले गेट से अंदर आती बस।
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हिसार। अब बाईपास से बस स्टैंड के पिछले गेट से बसें नहीं लाने वाले चालकों-परिचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। रोडवेज महाप्रबंधक के संज्ञान में मामला आने के बाद चेकिंग के लिए फ्लाइंग की दो टीमें लगा दी गई हैं। रोजाना चालकों-परिचालकों की रिपोर्ट रोडवेज महाप्रबंधक को सौंपी जाएगी। फ्लाइंग टीम में 10 से ज्यादा कर्मचारी शामिल हैं।
18 जून को सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक बस स्टैंड के पिछले गेट से 230 बसों को बाईपास निकाला गया था। मगर शाम पांच बजे तक सिर्फ 40 बसें ही बाईपास होकर बस स्टैंड में आई। अब ऐसी लापरवाही करने पर चालक-परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उनसे लिखित में जवाब मांगा जाएगा। यदि ऐसा चलता रहा तो बस अड्डे के बाहर जाम की स्थिति भी पैदा हो सकती है। बता दें, कि अब लोकल के अलावा लंबे रूट पर चलने वाली बसों को भी बस अड्डे के पिछले गेट से बाईपास निकाला जा रहा है। मगर वापसी में चालक बाईपास से बसें कम ला रहे हैं। अधिकतर बसें शहर के अंदर से होते हुए ही आ रही हैं। जब यह मामला महाप्रबंधक के पास पहुंचा तो उन्होंने बाईपास पर फ्लाइंग टीम की डयूटी लगा दी।
मुझे शिकायत मिली थी। उसके बाद चेकिंग के लिए टीमें लगा दी गई है। यदि कोई चालक-परिचालक नियमों का पालन नहीं करेगा तो उसे खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, रोडवेज
उधर, प्राइवेट बस संचालक बोले- शहर के अंदर से ही जाएंगी बसें
प्राइवेट बसों के संचालक पिछले गेट से बसें निकालने के लिए सहमत नहीं है। उनका कहना है कि बाईपास बसें निकालने पर काफी समय लगता है। कई बार सवारियां भी बहस करती हैं। ट्रांसपोर्ट सोसायटी के जिला प्रधान श्रीपाल खेड़ी ने बताया कि सभी बसें शहर के अंदर से ही जाएगी। बाईपास जाने पर उन्हें सवारियां नहीं मिलती। पहले नागरिक अस्पताल, ऑटो मार्केट, बरवाला चुंगी के पास से काफी सवारियां मिलती थी मगर अब बाईपास बसें निकालने पर सवारियां नहीं मिलने पर नुकसान हो रहा है। श्रीपाल ने बताया कि अब 23 जून को रोडवेज अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।