हिसार। धनी लोन एंड सर्विसेज लिमिटेड के मुख्य कानूनी प्रबंधक पंचकूला निवासी हरदीप सिंह ने 6 लोगों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दी है। पुलिस को दी शिकायत में हरदीप सिंह ने कहा कि धनी लोन एंड सर्विसेज लिमिटेड पूर्व में इंडियाबुल्स कंज्यूमर फाइनेंस लिमिटेड के नाम से जानी जाती थी।
हरदीप सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी की ओर से धनी-पे प्रीपेड खाता के नाम से एक मोबाइल एप्लीकेशन शुरू की थी। हरदीप ने बताया कि उनकी कंपनी ऋण देने का काम करती है। इस एप के अलावा उनकी कंपनी की ओर से धनी पे कार्ड के माध्यम से भी उपभोक्ता ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से भुगतान कर सकता है। हरदीप ने बताया कि बरवाला के वार्ड-11 निवासी निशा रानी, ढाणी सीसवाल निवासी अजय कुमार, अगबरपुर निवासी अनूप सिंह, गौरछी निवासी रजत और बरवाला के वार्ड-12 निवासी सोनू व एक अन्य ने इस एप के माध्यम से कंपनी से 95 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली। शिकायत में हरदीप ने यह भी बताया कि एप के जरिये 14 नवंबर से दिवाली की छुट्टियों के दौरान 30 करोड़ रुपये का विभिन्न लोगों के खातों में क्रेडिट हुआ। इस बारे में एप की स्टेटमेंट चेक की तो 18 नवंबर को पता लगा कि एप के जरिये करीब 150 लोगों द्वारा 89 लाख 46 हजार 282 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। आरोप है कि धनी एप से 150 लोगों द्वारा एप को हैक कर अलग-अलग मोबाइल नंबर से रुपये धोखाधड़ी से अपने खातों में ट्रांसफर किए गए। जांच में सामने आया कि एक ही शख्स द्वारा दो लाख रुपये ऋण के रूप में उसके खाते में जारी किए गए। हिसार में 150 के करीब लोग ऐसे है। जिनके खाते में अलग-अलग मोबाइल सिम का प्रयोग किया गया। हरदीप का आरोप है कि किसी व्यक्ति ने 50 सिम का प्रयोग किया है तो किसी ने 150 के करीब सिम का प्रयोग किया है।
हरदीप का आरोप है कि निशा रानी और उनके सहयोगियों ने लगभग 67 सिम कार्ड खरीदे और एक ही नाम पते के साथ धनी ऐप डाउनलोड किया, लेकिन एक ही मोबाइल नंबर के साथ दस्तावेजों का उपयोग करके खाते में धनी एप से 7,86,179 रुपये ट्रांसफर किए गए। इसी तरह अजय कुमार ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 58 सिम कार्ड खरीदे और पहचान के प्रमाणों को आधार बनाकर धनी के आवेदन को उसी नाम और पते के साथ डाउनलोड किया। लेकिन मोबाइल नंबर अलग था। उनके खाते में 4,07,693 रुपये ट्रांसफर किए गए। अनूप सिंह और उनके सहयोगियों ने पहचान प्रमाणों के जरिये 54 सिम कार्ड खरीदे और धनी एप्लीकेशन से 3,48,902 रुपये अपने खाते में डाले। रजत ने अपने साथियों के साथ दस्तावेजों और जाली दस्तावेजों के जरिए लगभग 50 सिम कार्ड खरीदे और सिम कार्ड खरीदने के बाद, धनी एप्लीकेशन से 4,81,858 रुपये अपने खाते में डाले। सोनू कुमार और उसके सहयोगियों ने डुप्लीकेट दस्तावेज बनाकर 45 सिम कार्ड खरीदे 4,10,345 रुपये ट्रांसफर किए। मामले में पुलिस ने हरदीप सिंह की शिकायत पर इनके खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।