हिसार। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने वीरवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में शहर के पार्कों का मुद्दा उठा तो मंत्री ने निगम अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि पार्कों की हालत सुधारने के लिए तुम्हारे पास 60 दिन हैं लेकिन 61वां दिन मेरा होगा। बैठक करीब दो घंटे तक चली, जिसमें पार्किंग, सफाई, स्ट्रीट लाइट व प्रॉपर्टी टैक्स के मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बता दें कि मंत्री पद संभालने के बाद डॉ. कमल गुप्ता ने पहली बार अलग से नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक की। इससे पहले उन्होंने दो बार बैठक की और दोनों ही दफा बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे थे। बैठक में मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने अधिकारियों से पूछा कि शहर के पार्कों की हालत सुधारने के लिए कितना समय चाहिए। इस पर अधिकारियों ने जवाब दिया कि इस कार्य में दो माह समय लगेगा। यह सुन डॉ. गुप्ता ने कहा कि यह तो काफी ज्यादा समय है। उन्होंने कहा कि ज्यादा मैनपावर लगाकर काम करवाओगे तो काम जल्दी हो जाएगा। मंत्री ने कहा कि चलो ठीक है 60 दिन में इस काम को पूरा कर दो लेकिन 61वें दिन मैं कोई बात नहीं सुनूंगा कि काम नहीं हुआ।
बैठक दोपहर 12 बजे शुरू हुई। डॉ. कमल गुप्ता ने कहा कि बैठक में सभी आ गए। कोई अपेक्षित तो नहीं है। बैठक में मेयर के पीए चरणजीत को देखकर उन्होंने पूछा कि आप कौन है। इस पर मेयर गौतम सरदाना ने जवाब दिया कि वह उनका पीए है। इसके बाद डॉ. गुप्ता ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारियों से उनका हालचाल पूछते हुए कहा कि अगर किसी को भी कोई परेशानी है तो उन्हें निसंकोच बताए। वह समस्या का समाधान करवाएंगे। बैठक में मेयर गौतम सरदाना, निगमायुक्त अशोक गर्ग, एएमसी प्रदीप हुड्डा, संयुक्त आयुक्त बेलिना, चीफ इंजीनियर रामजीलाल, डीएमसी विरेंद्र सहारण, एसई आनंद स्वरूप, एक्सईएन संदीप धुंधवाल, जयवीर सिंह, संदीप सिंह, ईओ राजेश वर्मा, जेई रामदिया शर्मा, सचिव राहुल, चरणजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
कार्यालय पहुंचने पर चेतावनी : 9 का मतलब 9, चाहे जो भी हो
इस दौरान मंत्री ने कहा कि सभी कर्मचारी व अधिकारी निर्धारित समय पर कार्यालय में पहुंचे। ऐसा न हो कि आप कार्यालय में पहुंचे और वहां पहले से लोग मौजूद हो। उन्हें देखकर आपको यह न कहना पड़े कि दो मिनट तो रुको, अभी सांस तो लेने दो। यदि मेरे शहर ही में व्यवस्था ठीक नहीं होगी तो मैं दूसरों का क्या कह सकता हूं। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट तौर पर कहा कि 9 का मतलब 9, चाहे जो भी हो।
कचरे के निस्तारण व निर्दिष्ट पार्किंग के सवाल पर अधिकारियों ने साधी चुप्पी
हालांकि बैठक को निगम के अधिकारी पूरी तैयार करके आए थे लेकिन कुछ सवालों पर उन्होंने भी चुप्पी साध ली। डॉ. कमल गुप्ता ने अधिकारियों से ढंढूर में पड़े पुराने कचरे के निस्तारण के बारे में पूछा तो अधिकारी बोले कि कचरे के निस्तारण का कार्य चल रहा है। मंत्री ने पूछा कि कब तक पूरे कचरे का निस्तारण होगा तो अधिकारी बगले झांकने लगे। इसके अलावा डॉ. गुप्ता ने पूछा कि शहर में निर्दिष्ट पार्किंग कितनी हैं। पहले तो यह सवाल सुनकर अधिकारी सकपका गए, फिर जवाब दिया कि एक भी नहीं है। यह सुन मंत्री ने कहा कि पार्किंग को लेकर प्लानिंग तैयार करके भिजवाओ।
मंत्री के सामने पेश की झूठी रिपोर्ट
बैठक में डॉ. कमल गुप्ता ने पूछा कि निगम कार्यालय में क्या वेटिंग हॉल है। इस पर अधिकारियों ने हां में जवाब दिया। साथ में कहा कि हॉल में पंखे व कूलर की भी व्यवस्था है, जबकि सच्चाई यह है कि निगम कार्यालय की जिस बिल्डिंग में अधिकारी बैठते हैं, वहां कोई वेटिंग हॉल नहीं है। यही नहीं याशी कंपनी को लेकर अधिकारियों ने रिपोर्ट प्रस्तुत की कि कंपनी के पास प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे को लेकर अभी तक 3500 आपत्तियां में से करीब 3400 को ठीक किया जा चुका है। इस पर मंत्री ने कहा कि या तो आपके आकड़े गलत हैं या फिर लोग झूठ बोल रहे हैं। फीडबैक तो यह मिल रहा है कि जनता इस कंपनी से काफी परेशान है। हो सकता है कि कंपनी के कर्मचारियों का जनता के प्रति व्यवहार ठीक नहीं होगा।
स्ट्रीट लाइट के टेंडर के मुद्दे पर तुरंत मुख्यालय लगाया फोन
बैठक में स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बताया कि नई स्ट्रीट लाइट के टेंडर लगाने पर मुख्यालय ने रोक लगा रखी है, जबकि कुछ निकायों ने स्थानीय स्तर पर टेंडर लगा रखे हैं। इस पर मंत्री ने तुरंत मुख्यालय अधिकारी को फोन लगाकर कहा कि शाम तक इसका हल निकालकर मुझे रिपोर्ट दो। वहीं निगम अधिकारी ने बताया कि शहर की सिर्फ दो प्वाइंटों को छोड़कर सभी ट्रैफिक लाइटें ठीक हैं लेकिन ट्रैफिक पुलिस हर मीटिंग में यह कहती है कि लाइटें खराब पड़ी हैं। इस प्वाइंट को तुरंत मंत्री ने अपनी डायरी में नोट कर लिया। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों को लेकर अधिकारी ने बताया कि यूएलबी ने इन कैमरों के लगाने पर रोक लगाई हुई है। उनका कहना है कि पुलिस प्रशासन ही इन कैमरों को लगवाएगा। इस प्वाइंट को भी डॉ. गुप्ता ने नोट कर लिया।
बनिया आसानी से पैसा नहीं निकालता...
एक बात पर मंत्री ने कहा कि वह कल ही 9 करोड़ रुपये की पेमेंट की फाइल पर साइन करके आए हैं। जिस अधिकारी ने उनसे फाइल पर साइन करवाए, उसने मुझसे कहा था कि फाइल पर तुरंत साइन मत कीजिए, यह काफी बड़ी राशि है। इस पर मैंने उक्त अधिकारी से कहा कि जिस काम के एवज में यह राशि दी जा रही है, वह काम भी काफी बड़ा है। इसी बीच मंत्री ने चुटकुला सुनाते हुए बताया कि एक बार एक व्यक्ति एक बनिया के पास आता है और कहता है कि मैंने आपके बेटे का एक काम किया था, उस काम के पैसे मुझे दे दो। बनिये ने कहा कि पहले मैं अपने बेटे से पूछूंगा। उसने फोन करके बेटे से पूछा तो बेटे ने कहा कि आप इसकी पेमेंट कर दो। मगर इसके बाद भी बनिए ने कहा कि जब तक उसका बेटा घर नहीं आ जाता, वह पेमेंट नहीं करेगा। मंत्री ने कहा कि यह बात साफ करती है कि बनिया आसानी से पैसा नहीं निकालता। इस पर मेयर ने कहा कि मंत्री जी कहीं आपका इशारा कमिश्नर साहब की तरफ तो नहीं है। यह सुन मंत्री बोले कि यह बात उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं की है।