हिसार। जिले में प्रदेश की तीन विश्वविद्यालय और 27 डिग्री कॉलेज हैं। हिसार के खिलाड़ियों ने खेल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम चमकाया है। गौरव की बात ये भी है कि इन सभी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयार करने वाले कोच भी हिसार के ही निवासी हैं। इतना कुछ होने के बावजूद भी हिसार के किसी भी कॉलेज में सर्टिफिकेट इन फिजिकल एजूकेशन यानी सीपीएड, बेचलर ईन फिजिकल एजूकेशन यानी बीपीएड व मास्टर इन फिजिकल एजूकेशन यानी एमपीएड का कोर्स नहीं है। हिसार में जिले में 27 डिग्री कॉलेज हैं। जिनमें सें 10 डिग्री कॉलेज सरकारी हैं व बाकी प्राईवेट हैं। इनके अलावा हिसार में प्रदेश के बेहतरीन विश्वविद्यालय भी हैं। फिर भी हिसार का दुर्भाग्य है कि जिले के युवाओं को दूसरे जिलों में सीपीएड, बीपीएड, व एमपीएड का कोर्स करना पड़ रहा है। ये तीनों कोर्स हिसार में न होने के कारण भी हिसार ने देश को अनेक इंटरनेशनल कोच, डीपीई व खिलाड़ी दिए हैं।
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हर साल भेजी जाती है कॉलेजों की ओर से डिमांड -
राजकीय महाविद्यालय, सीआरएम जाट कॉलेज सहित जिले के अन्य कॉलेजों द्वारा हर साल बीपीएड व एमपीएड कोर्स शुरू करने की डिमांड सरकार के पास भेजी जाती है। राजकीय महाविद्यालय हिसार द्वारा पिछले 6 सालों से डिमांड भेजी जा रही है। लेकिन अभी तक कोर्स शुरू करने की अनुमति नहीं मिल पाई है। पहले एचएयु में फिजिकल होता था। जिसमें ये कोर्स करवाए जाते थे। करीब 10 साल पहले इस कॉलेज को बंद कर दिया गया था। इसके बाद हमारे जिले के युवा दूसरे जिलें में जाकर ये सीपीएड, व बीपीएड व एमपीएड कोर्स करने को मजबूर हैं।
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इन जिलों में पढ़ने जाते हैं हिसार के युवा -
-चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा।
-चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद।
-चौधरी बंशीलाल विश्वविद्यालय भिवानी।
- एम.डी.यू. रोहतक।
-केयूके कुरूक्षेत्र।
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कभी होता था कॉलेज -
फिजिकल एजूकेशन के शिक्षक व कोच से बातचीत -
- हिसार के खिलाड़ियों ने देश की झोली में अनेक गोल्ड मेडल डाले हैं। इनके अलावा हिसार ने देश को अनेक इंटरनेशनल कोच, खिलाड़ी व डीपीई दिए हैं। हिसार में ये कोर्स न होने के कारण जिले के युवाओं को बीपीएड व एमपीएड दूसरे जिलों में करने पड़ रहे हैं। मेरी हरियाणा सरकार से मांग है कि हिसार में भी इन कोर्सों को शुरू किया जाए। हिसार में भी ये कोर्स होंगे तो बहुत ही फायदा होगा।
- अनूप कस्वां, हेंडबाल कोच, साई पटियाला।
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- हिसार को खेल व एजूकेशन का हब कहा जाता है। हिसार के खिलाड़ियों ने कुश्ती, हॉकी, बेडमिंटन, हेंडबाल सहित अन्य खेलों में देश का नाम रोशन किया है। हिसार में बीपीएड व एमपीएड कोर्स होने बहुत ही जरूरी हैं। कॉलेजों की तरफ से भी डिमांड आती रहती है। हमारी सरकार से मांग है कि हिसार में भी ये कोर्स शुरू करें ताकि हमारे जिले के युवाओं का भविष्य संवर सके।
- डॉ. एसबी लूथरा, खेल निदेशक, जीजेयू हिसार।
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राजकीय महाविद्यालय प्रशासन की तरफ कई वर्षों से उच्च अधिकारियों के साथ पत्राचार जारी है। एचजीसीटी के माध्यम से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता समेत सभी नेताओं से मिलकर महाविद्यालय में शारीरिक शिक्षा में बीपीएड तथा एमपीएड के कोर्स शुरू करवाने की मांग करेंगे। हिसार खेलों का हब है। राजकीय महाविद्यालय से ओलंपियन,एशियन, वर्ल्ड चैंपियनशिप और कॉमन वेल्थ में पदक विजेता, अर्जुन अवॉर्डी तथा द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता खिलाड़ी दिए हैं। इसके बावजूद भी हिसार में ये कोर्स नहीं हैं। जिसके कारण यहां के खिलाड़ियों एवं विद्यार्थियों को कोर्स के लिए बाहर जाना पड़ता है। हमारी सरकार से मांग है अगले सत्र में हमारे कॉलेज में ये दोनों कोर्स शुरू करने की अनुमति दे।
- डॉ. सुखबीर दुहन, शारिरिक शिक्षा विभाग, राजकीय महाविद्यालय अध्यापक संघ कॉलेज प्रधान।
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हमारे कॉलेज द्वारा हर साल बीपीएड कोर्स शुरु करने की डिमांड हायर एजूकेशन को भेजी जाती है। लेकिन अभी तक कोर्स शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है। कॉलेज प्रशासन द्वारा अगले सेशन से भी दोबारा डिमांड भेजने पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। अगर ये कोर्स हमारे कॉलेज में शुरू होता है तो जिले के फिजिकल एजूकेेशन के विद्यार्थियों को बहुत फायदा होगा।
- डॉ. परविंद्र दलाल, पीआरओ सीआरएम, जाट कॉलेज हिसार।
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जिले के कॉलेजों में बीपीएड व एमपीएड कोर्स होना बहुत ही जरूरी है। इसके साथ ही जिले में सीपीएड कोर्स भी नहीं है। इस कारण जिले के युवाओं को ये तीनों कोर्स करने के लिए दूसरे जिले के शिक्षण संस्थानों में एडमिशन लेना पड़ता है। मेरी सरकार से मांग है कि हिसार में भी ये तीनों कोर्स शुरू किए जाएं।
- पाला सातरोड़, फुटबाल खिलाड़ी।
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