हिसार। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना महामारी को रोकने के लिए 24 टीमों का गठन किया गया है। किसी भी टीम में नागरिक अस्पताल के जीव वैज्ञानिक डॉ. रमेश पूनिया को शामिल नहीं किया गया है। याद रहे कि कोरोना की पहली लहर में लोगों को महामारी से बचाने के लिए बेहतरीन काम करने वाले और दूसरी लहर में संक्रमितों के घर से कचरा उठवाने से लेकर मरीज के इलाज के नाम पर वसूले लाखों रुपये निजी अस्पताल संचालकों से वापस दिलाने वाले डॉ. पूनिया को कोरोना के लिए कहीं पर भी ड्यूटी में नहीं लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर से निपटने के लिए 24 अलग-अलग टीमों का गठन किया। इसमें चिकित्सकों से लेकर अन्य विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। कोविड इंचार्ज डॉ. सुभाष खतरेजा बनाए गए हैं। ऑक्सीजन मैनेजमेंट के लिए, डेड बाडी मैनेजमेंट कमेटी, होम आइसोलेशन कमेटी, ट्रांसपोटेशन एंड लॉजेस्टिक मैनेजमेंट कमेटी, हयूमन रिसोर्स होटल ,धर्मशाला, फूड मैनेजमेंट कमेटी, रिपोर्टिंग एंड डेटा कलेक्शन कमेटी,सैंपलिंग कमेटी, कोविड सैंपल रिर्पोटिंग टीम, कोविड केयर सेंटर टीम, कंटेनमेंट जोन कमेटी, डेथ ऑडिट कमेटी, आरोग्य सेतु, कोविड पोर्टल, वार रूम, कंट्रोल रूम, सर्विलांस कमेटी सहित अन्य कमेटी गठित की गई है।
डॉ. रमेश पुनिया ने फेसबुक पर लिखा...
मार्च 2020 में जब कोरोना का पहला केस हिसार में आया तब उस घर में कोई निगम कर्मी घर सैनिटाइज करने को तैयार नहीं था, तब मैनें अपने साथी राजमल के सैनिटाइज किया। सेक्टर 13 में रिटायर्ड आयुर्वेदिक ऑफिसर डॉ. महेंद्र के घर संक्रमित मरीज होने पर कोई उनके घर से 7 दिन से से कोई कचरा नहीं उठा रहा था तब मैंने उठाया। पहली लहर में प्रतिदिन 600 फोन , दूसरी लहर में 800 फोन कॉल रोजाना सुनीं। दूसरी लहर में प्राइवेट अस्पतालों द्वारा ओवरचार्जिंग के करीब एक करोड़ रुपये लोगों को वापस दिलाए । दोनों लहरों में अपना शत-प्रतिशत देने का प्रयास किया। मौजूदा सिविल सर्जन महोदया ने मुझे इस काबिल नहीं समझा कि मैं आपकी कोई सेवा कर सकूं। इसलिए उन्होंने मुझे कोई भी कार्यभार नहीं सौंपा है। सिविल सर्जन महोदया की मजबूरियां रही होंगी।
पहली लहर में दिखाया साहस..
डॉ. रमेश पूनिया सबसे पहले तब चर्चा में आए थे। जब हिसार की पहली कोविड-19 रोगी सेक्टर 16-17 निवासी महिला के घर को सेनेटाइज करने के लिए नगर निगम की टीम ने हाथ खड़े कर दिए थे। इसके बाद उन्होंने अपने साथियों के साथ जाकर कोरोना संक्रमित महिला के घर को सेनेटाइज किया। लीक से हटकर काम करने पर आम लोगों ने भी उन्हें एक नायक के तौर पर लिया। कोरोना काल में उनसे बेड, आक्सीजन, वेंटीलेटर की सुविधा की मदद मांगी तो डॉ रमेश पूनिया ने भी साथ दिया। ठीक हो चुके कोविड मरीजों का जब सामाजिक बहिष्कार होने लगा तो डा. पूनिया ने स्वयं अपनी टीम के साथ उनके घर जाकर खाना खाकर लोगों का भ्रम तोड़ा
रसूखदार व्यारी से टकराए..
पहली लहर के दौरान एक रसूखदार व्यापारी का कोरोना सैंपल करवाने और उसके घर के बाहर पोस्टर लगाने को लेकर पूर्व सीएमओ ने उनके कार्यभार से मुक्त कर दिया था। बाद में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के हस्तक्षेप के बाद उन्हें वापस कार्यभार सौंपा गया था
डॉ रमेश. पूनिया को कोरोना के कार्य में शामिल किया है। वे डिस्ट्रिक्ट कोविड इंचार्ज के साथ मिलकर काम करेंगे। कोरोना से लड़ने के लिए टीमें तैयार कर ली हैं। - डॉ. रत्ना भारती, सीएमओ, हिसार