कुलदीप जांगड़ा
हिसार। जिले में 11 हजार परिवारों ने मुसीबत पड़ने पर आयुष्मान कार्ड बनवाया है और ढाई लाख लोग अभी कार्ड बनवाने नहीं आए हैं। इन 11 हजार परिवारों ने एक-एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बनवाया है और बाकी सदस्य कार्ड बनवाने से वंचित है। सूची में शामिल 80 हजार लोगों को स्वास्थ्य विभाग अभी तक खोज नहीं पाया है। वहीं लोगों का कहना है कि जब बीमार होंगे तो कार्ड बनवा लेंगे।
जिले में 4 लाख 79 हजार 947 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है। इनमें से 2 लाख 14 हजार 411 लोगों के कार्ड बने है। पिछले पांच माह से विभाग का अभियान बंद है। कोरोना की पहली व दूसरी लहर के कारण आयुष्मान भारत योजना का काम दो बार बंद हो चुका है। योजना को शुरू हुए तीन साल होने को है, पर कार्ड बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। जिन लोगों को योजना में शामिल किया हैं। वे लोग खुद ही आयुष्मान कार्ड बनाने नहीं आ रहे हैं। जब विभाग इनसे कार्ड बनाने की अपील करता है तो लोग कहते हैं कि हमारे परिवार में कोई बीमार नहीं है और हम क्यों बीमार होंगे। जब बीमार होंगे तो कार्ड बनवा लेंगे। (संवाद)
प्रधानमंत्री पत्र को ही समझ रहे कार्ड
कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके पास प्रधानमंत्री के नाम से जो पत्र आया हुआ है, वह उसे ही आयुुष्मान कार्ड समझ रहे हैं। ऐसे लोगों से अपील है कि वह उस पत्र को लेकर सीएससी सेंटर या आयुष्मान मित्रों के पास पहुंचे। वहां पर अपना व परिवार के सदस्यों का नाम दर्ज करवाकर आयुष्मान कार्ड बनवाएं। सीएससी या निजी अस्पताल सभी जगह पर यह कार्ड निशुल्क बनाया जाएगा, इसका शुल्क सरकार देगी।
42 हजार लोग योजना का उठा चुके लाभ
योजना के तहत सरकार इलाज के तौर पर 55 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। जिले के 42 हजार लोगों ने आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ उठाया है। जिले के निजी एवं सरकारी 55 अस्पताल योजना के तहत पैनल में शामिल हैं।
शिकायत : निजी अस्पताल में इलाज कराने वालों को दिलवाई राशि
निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान योजना के तहत इलाज न करने और नकद रुपये लेने के मामले में नोडल अधिकारी के पास कई शिकायत आती हैं। इस पर नोडल अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए करीब 10 निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की। पांच निजी अस्पतालों द्वारा कार्ड होने के बावजूद लाभार्थियों से इलाज के समय लिए गए करीब 8 लाख रुपये वापस दिलवा चुके हैं और उन अस्पतालों को योजना से इलाज का भी पैसा नहीं दिलाया। ऐसे ही मामले में एक अस्पताल को पैनल से बाहर किया जा चुका है।
15 से 30 सितंबर से शुरू करेगा पखवाड़ा
पहली लहर के बाद विभाग ने इस साल के मार्च माह में पखवाड़ा चलाया था। उसमें जिला सबसे ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रदेशभर में दूसरे नंबर पर रहा। अब विभाग 15 से 30 सितंबर तक दोबारा से पखवाड़ा शुरू करने जा रहा है। विभाग मुनादी करवाकर, पंपलेट बांटकर लोगों को जागरूक करेगा। बताया जा रहा है कि अबकी बार फैमिली आईडी के आधार पर ही आय के अनुसार लोगों को योजना में शामिल किया जाएगा। सरकार का कहना है कि पहले सूची में शामिल लोगों को कवर किया जाए।
हम लोगों को जागरूक कर रहे हैं। हमारा 30 सितंबर तक पखवाड़ा चलेगा। 11 हजार ऐसे परिवार है, जिन्होंने जरूरत पड़ने पर आयुष्मान कार्ड बनवाया है। इनके भी एक-एक सदस्य का नाम दर्ज है, बाकी ने दर्ज नहीं करवाया। करीबन 80 हजार लोगों का पता नहीं चल पाया है।
- डॉ. मनीष पचार, पैथोलॉजिस्ट, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना