शहरवासियों को देरी से प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना अब भारी पड़ सकता है। टैक्स में लापरवाही करने वालों से नगर निगम ने अधिक राशि वसूलने की तैयारी कर ली है।
जो लोग अपना प्रॉपर्टी टैक्स समय पर जमा नहीं करते हैं, उनसे अब नगर निगम अधिक ब्याज वसूलेगा। लेटलतीफी का खामियाजा लोगों को 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देकर भुगतना होगा।
सरकार ने टैक्स की नई नीति में कुल टैक्स की राशि पर ब्याज की दर बढ़ा दी है। पुरानी नीति में यह दर एक प्रतिशत प्रतिमाह थी। लेकिन अब यह दर डेढ़ प्रतिशत प्रतिमाह कर दी गई है।
निगम के जेडटीओ बीएस पंवार का कहना है कि पहली नीति में ब्याज की दर 1 प्रतिशत मासिक के हिसाब से 12 प्रतिशत वार्षिक बनती थी। लेकिन यह डेढ़ प्रतिशत करने से लोगों की कुल राशि पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगेगा।
पंवार ने बताया कि जिन लोगों ने अपना टैक्स समय पर जमा नहीं कराया है, उन सभी पर यह लागू होगा। जबकि 1 अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2013 तक के बकायेदारों को भी 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अतिरिक्त चुकाना होगा। इन्हें 25 नवंबर तक कुल टैक्स में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान सरकार ने किया है। ज्ञात हो कि जनता को 25 नवंबर तक 10 प्रतिशत छूट का लाभ मिलना है।
इसके अलावा निगम ने अब टैक्स जमा करने के दौरान गलत सूचना देने वालों पर भी कार्रवाई का मन बना लिया है। निगम अधिकारी का कहना है कि कई लोग अपने घर की पुरानी सूचना देकर ही कम टैक्स जमा कराते हैं। जबकि उन्होंने घर में नया निर्माण करा लिया होता है, जिससे उनके कवर्ड एरिया या ऊपरी मंजिल का टैक्स अतिरिक्त बनता है।
निगम इसके लिए एक सेल्फ असिस्मेंट फार्म भरवा रहा है, जिसमें सही-सही जानकारी देनी होगी। गलत सूचना देने वालों के घरों की जांच कराकर जुर्माना वसूला जाएगा।