संसद के बाहर किसान प्रदर्शन नहीं करेंगे, बल्कि वे अपनी संसद चलाएंगे। इसके लिए पहले स्पीकर व डिप्टी स्पीकर चुने जाएंगे और उसके बाद कृषि कानूनों पर चर्चा होगी। वहीं हरियाणा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा व जजपा कोटे से एक-एक कैबिनेट मंत्री बनेगा। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मंत्रिमंडल विस्तार की बात स्वीकारी है।
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दुष्यंत चौटाला का बयान: भाजपा और जजपा कोटे से बनेगा एक-एक कैबिनेट मंत्री, मंत्रिमंडल में बदलाव पर चर्चा नहीं
हरियाणा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा व जजपा कोटे से एक-एक कैबिनेट मंत्री बनेगा। कुछ वर्तमान मंत्रियों का पत्ता कटने पर अभी संशय है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मंत्रिमंडल विस्तार की बात स्वीकारी है। उन्होंने नई दिल्ली में जजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार होना है।
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चंडीगढ़: गुरनाम चढूनी की दो टूक, संयुक्त किसान मोर्चा डिसमिस भी कर दे तो भी मिशन पंजाब जारी रहेगा
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अगर संयुक्त किसान मोर्चा उनको डिसमिस भी कर देगा तो भी वे मिशन पंजाब पर काम करेंगे। साथ ही वे किसान आंदोलन के लिए भी काम जारी रखेंगे।
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सिरसा में फिर बढ़ा तनाव: पांच किसानों की रिहाई पर रार, प्रशासन से नाराज किसान हाईवे पर डटे
पांच युवा किसानों की रिहाई को लेकर प्रशासन और किसानों की 11 सदस्यीय कमेटी के बीच मंगलवार को हुई बैठक बेनतीजा रही थी। विरोध में किसानों ने बुधवार को नेशनल हाईवे पर तीन जगह रोड जाम कर दिया। प्रशासन से नाराज किसानों ने डबवाली के खुइया मलकाना टोल पर रास्ता रोक दिया है।
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Haryana Monsoon Update: हरियाणा में दूसरे दिन भी झमाझम बारिश, गरज-चमक के साथ तीन दिन और होगी बरसात
हरियाणा में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी झमाझम बारिश हुई। इससे खेतों से लेकर सड़कों तक जलभराव हो गया है। बारिश का दौर अगले तीन दिन तक जारी रहेगा। प्रदेश में पिछले दो दिन में 70.9 एमएम औसत बारिश हो चुकी है। सोमवार को 31.2 और मंगलवार को 39.7 एमएम औसत बारिश हुई है। गुरुग्राम के पटौदी में सर्वाधिक 240 एमएम बारिश हुई है। सिरसा को छोड़कर शेष सभी जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई।
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नई रणनीति: संसद के बाहर चलेगी किसानों की संसद, स्पीकर-डिप्टी स्पीकर की होगी नियुक्ति, कृषि कानूनों पर होगी चर्चा
संसद के बाहर किसान प्रदर्शन नहीं करेंगे, बल्कि वे अपनी संसद चलाएंगे। इसके लिए पहले स्पीकर व डिप्टी स्पीकर चुने जाएंगे और उसके बाद कृषि कानूनों पर चर्चा होगी। संसद के बाहर किसान संसद लगाने का सिलसिला लगातार चलेगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने संसद कूच का पूरा कार्यक्रम तय कर दिया है।
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