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हाईवे के लुटेरे को मिल रहा था डीएसपी का संरक्षण

Fri, 15 Feb 2013 12:53 PM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/चंडीगढ़
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राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा में हाईवे पर महंगे वाहन लूटने वाले गैंग के मुखिया और हरियाणा पुलिस के मोस्ट वांटेड अम्मू को हरियाणा पुलिस का एक डीएसपी जिले सिंह ही संरक्षण देता रहा। इसका खुलासा तब हुआ जब मेवात पुलिस ने अम्मू के मोबाइल फोन को टैपिंग पर लगाया।
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अम्मू से जिले सिंह की बातचीत रिकार्ड हुई तो पुलिस के होश उड़ गए। दक्षिण रेंज रेवाड़ी के पुलिस महानिरीक्षक ओपी सिंह ने डीएसपी को फौरन सस्पेंड करने, अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और वहां से हटाने की सिफारिश चार महीने पहले की थी। मगर हरियाणा सरकार ने डीएसपी का तबादला करने के सिवाए कोई कार्रवाई नहीं की।

महानिरीक्षक ओपी सिंह ने ‘अमर उजाला’ को गुरुवार को बताया कि दिल्ली से पिछले साल 26 अप्रैल को एक टाटा सफारी चोरी हुई थी। अम्मू ने अपने साथी याहया खान की मार्फत यह सफारी जिले सिंह को जुलाई में दे दी। जिले सिंह इसका प्रयोग करते रहे। वारदात के बाद अम्मू अपने गांव खिल्लुका में छिप जाता था। यह हथीन क्षेत्र में पड़ता है जहां पर जिले सिंह डीएसपी तैनात थे।
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आईजी का पद संभालने के बाद ओपी सिंह ने मोस्ट वांटेड अम्मू गैंग को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। मेवात पुलिस ने अम्मू के मोबाइल फोन को टैपिंग पर लगाया तो जिले सिंह के साथ बातचीत करने के सबूत मिले। अम्मू 65 वारदात में शामिल है।

अम्मू ने अपने दो साथियों टीटू और यूसुफ को सफारी वापस लेने भेजा तो जिले सिंह ने पिछली तारीख में डीडीआर दर्ज की और टाटा सफारी पुलिस एक्ट 47 में जब्त दिखा दी। टीटू और युसुफ को बीते 5 नवंबर को एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
 
आईजी ने बताया कि उन्होंने पलवल के एसपी को निर्देश दिए कि जिले सिंह की सारी शक्तियां फौरन वापस ली जाएं और अम्मू गैंग को गिरफ्तार किया जाए। मेवात और पलवल पुलिस अधीक्षकों से रिपोर्ट मंगाई गई। उनकी रिपोर्ट के आधार पर डीजीपी को 7 नवंबर, 2012 को पत्र लिखकर सिफारिश की कि यह एक पुलिस और अपराधियों का गठजोड़ था।

जिले सिंह ने गैंग को अपराध करने दिया। इसलिए जिले सिंह को फौरन सस्पेंड किया जाए और तुरंत तबादला कर रेगुलर विभागीय जांच की जाए। आईजी ने कहा कि बाद में अम्मू को पुलिस एनकाउंटर में 19 दिसंबर, 2012 को गिरफ्तार कर लिया गया। जिले सिंह का हथीन डीएसपी पद से तबादला कर दिया गया।

पुलिस महानिदेशक एसएन वशिष्ठ का कहना है कि जिले सिंह का मामला मेरी जानकारी में है। उनका हथीन डीएसपी पद से तबादला कर दिया गया है। सस्पेंशन कोई सजा नहीं है। कार्रवाई जरूर होगी। पुलिस बल में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गृह मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव समीर माथुर ने बताया कि जिले सिंह को आरोप पत्र जारी करने की मंजूरी मुख्यमंत्री से मिल गई है। अब आरोप पत्र जारी किया जा रहा है।
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