हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 16,000 गेस्ट टीचरों को प्रदेश सरकार फिलहाल नहीं हटाएगी। गेस्ट टीचरों की सेवाएं समाप्त करने की समय सीमा 16 फरवरी को खत्म हो रही है। अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार सरकार इन टीचरों की सेवाएं आगामी 30 सितंबर तक जारी रख सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने 30 मार्च, 2012 को प्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि हाईकोर्ट में नियमित टीचर भर्ती करने का जो शेड्यूल दिया है उसके अनुसार नियमित टीचर भर्ती होने तक गेस्ट टीचर काम करते रहें। शेड्यूल के अनुसार, 322 दिन में नियमित टीचर भर्ती होने थे और गेस्ट टीचरों की सेवाएं समाप्त होनी थी। यह अवधि 16 फरवरी, 2013 को समाप्त हो रही है। शिक्षा निदेशालय ने सरकार के पास सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक गेस्ट टीचरों की अवधि 16 फरवरी बताकर निर्णय लेने के लिए फाइल भेजी थी।
सरकार का फैसला
अब सरकार ने फैसला किया है कि इन गेस्ट टीचरों को 16 फरवरी को नहीं हटाया जाएगा। पात्र अध्यापक संघ ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका भी दायर कर रखी है, जिस पर नोटिस जारी किया गया है और आगामी 5 मार्च को सुनवाई होगी।
प्रदेश सरकार ने शिक्षक भर्ती बोर्ड से जेबीटी और लेक्चरर भर्ती प्रक्रिया पूरी होने का शेड्यूल मांगा था। बोर्ड ने दो दिन पहले शेड्यूल भेजकर कहा है कि पहले पांच दिन का सप्ताह था। अब छह दिन कार्यदिवस होंगे और साक्षात्कार में तेजी कर दी गई है। इसलिए जेबीटी और लेक्चरर भर्ती 30 सितंबर, 2013 तक पूरी होगी।
प्रदेश सरकार भर्ती बोर्ड के इस जवाब को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट से आग्रह करेगी कि चूंकि भर्ती प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और 30 सितंबर तक पूरी हो जाएगी तब तक गेस्ट टीचरों को कार्य करने दिया जाए।
अतिथि अध्यापक संघ के महासचिव राजेंद्र शास्त्री का कहना है कि गेस्ट टीचरों को सात साल से ज्यादा हो गया है। अगर गेस्ट टीचर हटाए गए तो 16000 परिवार भूखे मर जाएंगे। सरकार हमें नियमित करे।
वहीं, पात्र अध्यापक संघ के प्रधान राजेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार पिछले दरवाजे से गेस्ट टीचरों को नियमित करना चाहती है। उनका कार्यकाल 16 फरवरी को समाप्त हो जाएगा। हमने 17 फरवरी को रोहतक में राज्य स्तरीय रैली रखी है, जिसमें अगले आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
यह है मामला
2005 में सरकार ने गेस्ट टीचर लगाए थे। कुछ टीचर हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने उन्हें नियमित करने से मना कर रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ नियमित टीचर भर्ती (322 दिन) होने तक सेवा में बने रहने का निर्देश दे रखा है। गेस्ट टीचर सरकार से मांग कर रहे हैं कि उन्हें अन्य राज्यों की तर्ज पर नियमित किया जाए।