आंकड़े निकालकर देख लें। हरियाणा में सबसे ज्यादा बेरोजागारी है। एक लाख तो सिर्फ फरीदाबाद में बेरोजगार हैं। नई इंडस्ट्री कौन सी आई। वे कहते हैं कि खरखौदा में मारुति की यूनिट लगा रहे हैं। जबकि यह यूनिट नौ साल पहले बन जानी चाहिए थी।
जब मैं मुख्यमंत्री था तो जापान जाकर सुजुकी के मालिक से बात की थी। तब वह खरखौदा में यूनिट लगाने को तैयार थे। हमारी सरकार में नौकरी को लेकर कोई भ्रष्टाचार नहीं था। इनके समय में तो हरियाणा लोक सेवा आयोग में करोड़ों रुपये की अटैचियां पकड़ी गईं। आयोग का उपसचिव करोड़ों रुपये के साथ पकड़ा जा चुका है। खुद को बचाने के लिए ये दूसरों पर आरोप लगाते हैं।
यदि ऐसा होता तो किसान धरने पर नहीं बैठते। ये तो भावांतर योजना की आड़ में किसानों के साथ धोखेबाजी कर रहे हैं। सूरजमुखी का एमएसपी रेट 6450 है। बाजार में किसान की सूरजमुखी 4500 रुपये में बिक रही है। उसके बाद ये एक हजार रुपये भावांतर दे रहे हैं। इस हिसाब से कुल 5500 रुपये बनते हैं। एमएसपी के मुकाबले एक हजार रुपये कम। भावांतर तो वहां दिया जाता है, जहां एमएसपी नहीं होता। सिर्फ धान की फसल पर दस साल में हमने 14.3 फीसदी एमएसपी बढ़ाई। जबकि भाजपा सरकार में सिर्फ छह फीसदी बढ़ा है।
सच्चाई तो यह है कि जब ये सरकार किसी मोर्चे पर फेल हो जाती है तो नया पोर्टल खोल देती है। मैं पोर्टल के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन जो जनहित में है, उसके पोर्टल खोलने चाहिए। कांग्रेस की सरकार आने पर जो भी पोर्टल जनता के हित में नहीं लगेंगे, उन्हें बंद कर दिया जाएगा।
मुझे नहीं लगता कि कोई गुटबाजी है। पहले भी कांग्रेस एक थी और अब भी एक है। कोई भी पार्टी विरोधी काम नहीं कर रहा, सब पार्टी का काम कर रहे हैं।
कांग्रेस का संगठन तैयार है। हमारे नए प्रभारी जल्दी इसकी घोषणा करने वाले हैं। छत्तीसगढ़ में इसी साल चुनाव होने हैं। उस प्रदेश के अध्यक्ष तो दो दिन पहले घोषित किए गए हैं। भले ही भाजपा ने रैलियां कर ली हों, लेकिन कांग्रेस के विपक्ष आपके द्वार में जितनी भीड़ उमड़ रही है उतनी भीड़ अब तक भाजपा की किसी रैली में नहीं दिखी।
कांग्रेस पार्टी का एक सिस्टम है। चुनाव के बाद पार्टी आब्जर्वर लगाती है। चुने गए विधायक अपनी पसंद बताते हैं। आब्जर्वर विधायकों की बात लेकर आलाकमान तक पहुंचाते हैं। उसके बाद सीएम चुना जाता है। साल 2005 में चुने गए विधायकों की मीटिंग में लोगों ने मुझे चुना था, जबकि उस समय मैं विधायक भी नहीं था। वहीं, भजनलाल मीटिंग का बायकट कर गए थे। उसके बाद पार्टी ने मुझे सीएम चुना था।
हमने तो एक साल पहले ही घोषणा कर दी थी कि सरकार बनने पर 300 यूनिट मुफ्त बिजली देंगे। बिजली के साथ पेंशन भी बढ़ाएंगे। बुजुर्गों को छह हजार रुपये पेंशन देंगे। गरीबों को 100-100 गज के मुफ्त प्लॉट देने की हमारी योजना को इस सरकार ने बंद कर रखा है। उसे हम फिर से शुरू करेंगे। पिछड़ी जाति का क्रीमी लेयर छह लाख से दस लाख भी करेंगे।
इससे कोई मतलब नहीं। जो मैंने घोषणाएं की हैं, वह सब पार्टी के घोषणा पत्र में शामिल होंगी।
ऐसा नहीं है। पावर प्लांट यमुनानगर में लगवाया। करनाल में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज हमारी सरकार के समय खुला। पंचकूला के अस्पताल को हमने अपग्रेड करवाया। पंचकूला में नेशनल फैशन डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट भी हमारी सरकार की देन है।
वे मेरे दोस्त हैं। इसलिए उन्होंने मेरा नाम लिया। राजनीति में दो किस्म की मित्रता होती है। आप समझ गए होंगे।
सच्चाई तो यह है कि जनता ने इनको हराने और कांग्रेस को जिताने का मन बना लिया था। कहीं न कहीं चूक हमसे हुई। हो सकता है कि टिकट वितरण में कहीं गलतियां हो गई हों। यह फिर जमीनी प्रचार में कमी रह गई। मेरा आकलन कहता है कि यदि चार हजार वोट और मिलते तो कांग्रेस प्रदेश में सबसे बड़ा दल होता। हम लोगों को दोष नहीं देना चाहते।