ए मुख्य सचिव एससी चौधरी ने मंगलवार को कार्यभार संभाल लिया। ‘अमर उजाला’ के साथ विशेष बातचीत करते हुए उन्होंने हरियाणा के जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को चौकस होने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि फील्ड के अफसर भी समय पर दफ्तर पहुंचें।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक फील्ड के मुख्य अफसर होते हैं। एसडीएम भी महत्वपूर्ण रोल अदा करते हैं।
इसलिए डीसी और एसपी अपने दफ्तरों में सुबह समय पर पहुंचें। अपने बैठने का समय तय करें और लोगों की समस्याएं सुनकर हल करें। अफसर गांवों का अधिक से अधिक दौरा करें। वहीं लोगों की समस्याएं निपटाएं।
कोशिश करें कि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। उन्होंने कहा कि जब अफसर गांवों में जाएं तो प्रदेश सरकार की कल्याणकारी नीतियों की जानकारी दें। यह सुनिश्चित करें कि कल्याण योजनाओं का लाभ आम आदमी को मिल रहा है।
विधायकों, सांसदों और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों के टेलीफोन काल अफसरों के न सुनने के सवाल पर मुख्य सचिव ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के न केवल टेलीफोन काल सुनें बल्कि उनकी बात भी सुनें। लोकतंत्र में वे जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। उन्हें उचित सम्मान भी दें।
अपनी प्राथमिकताओं के सवाल पर मुख्य सचिव ने पहली प्राथमिकता सरकार के जारी विकास कार्यों में तेजी लाना है। इसके लिए अफसरों को मुस्तैद होना पडे़गा। अफसर फैसले जल्द और सही लें।
उन्होंने दूसरी प्राथमिकता लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक और निष्पक्ष ढंग से कराना बताया। उन्होंने कहा कि चूंकि दो-ढाई महीने बाद लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होनी है।
चुनाव में अनियमितता न हो, कानून व्यवस्था सही रहे, इसके लिए कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हुड्डा ने भी डीसी-एसपी की बैठकों में पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि जिला उपायुक्त गांवों का दौरा करें और वहीं रात गुजारें।
सीएम के प्रधान सचिव एसएस ढिल्लों समेत अफसरों ने बधाई दी
दोपहर सवा एक बजे एससी चौधरी ने मुख्य सचिव का पदभार संभाला। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एसएस ढिल्लों, वित्त विभाग के अतिरिक्त सचिव राजन गुप्ता, प्रधान सचिव धनपत सिंह और अरुण कुमार, सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अनिल मलिक, विनीत गर्ग, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव आरएस दून, सचिवालय के कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी। रिटायर्ड आईएएस और टैक्स ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष केएस भौरिया ने भी उन्हें बधाई दी।
खेमका मामले की जानकारी नहीं
मुख्य सचिव ने कहा कि उन्हें आईएएस अशोक खेमका मामले के तथ्यों की जानकारी नहीं है। तथ्य जानने के बाद ही कोई टिप्पणी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जितनी भी घोषणाएं गोहाना रैली में हुई थी वे एक जनवरी से लागू हो जाएंगी।