गुड़गांव। मारुति सुजुकी कंपनी के हिंसा प्रकरण में आरोपी बनाए जेल में बंद 145 कर्मचारियों को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अगली तारीख 29 नवंबर तय की गई है।
मारुति के मानेसर प्लांट में जुलाई में हुई हिंसा के मामले में जेल में बंद सभी 145 आरोपियों को अजय पराशर की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद सभी आरोपियों की 14 दिन की न्यायिक हिरासत अवधि बढ़ा दी गई। अब अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी। मानेसर थाना पुलिस की ओर से हत्या व मारपीट के साथ आगजनी के दर्ज मामले की छानबीन के बाद एसआईटी (विशेष जांच दल) ने 145 लोगों को गिरफ्तार कर भोंडसी जेल भेज दिया था। एसआईटी छानबीन के बाद अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। गौरतलब है कि मारुति के मानेसर प्लांट में 18 जुलाई को हुई घटना में एचआर मैनेजर अवनीश देव की मौत हो गई थी। इसमें कंपनी के सौ से अधिक कर्मचारी और अधिकारी घायल हो गए थे।
बहन की शादी के लिए नहीं मिली अंतरिम जमानत
गुड़गांव। मारुति के मानेसर प्लांट में हिंसा के मामले में जेल में बंद एक आरोपी को अपनी बहन की शादी के लिए अंतरिम जमानत नहीं मिल सकी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत अर्जी बृहस्पतिवार को खारिज कर दी।
मारुति कंपनी में कैजुअल काम करने वाला राहुल रतन पुत्र विनोद निवासी तिनचौड़, उना (हिमाचल) की बहन की शादी 16 नवंबर को है। उसके वकील राजेंद्र पाठक ने बताया कि राहुल की अंतरिम जमानत के लिए अदालत में सात नवंबर को याचिका लगाई गई थी। अदालत की ओर से उसे हथकड़ी के साथ पुलिस कस्टडी में शादी में जाने की बात कही जा रही थी। इस पर उसके वकील की ओर से दलील दी गई कि वह इकलौता भाई है। शादी में रस्म अदा करने के लिए उसे हथकड़ी बाधा पड़ेगी। इस पर अदालत ने बिना हथकड़ी के जाने की याचिका को खारिज कर दिया है।