पानीपत अनाज मंडी में मंगलवार को पहले दिन गेहूं नहीं पहुंचा। मंडी में अभी मूलभूत सुविधा नहीं की जा रही हैं। एजेंसियों ने बारदाना पहुंचा दिया है। पानीपत में गेहूं खरीद के लिए 12 मंडी और केंद्र बनाए गए हैं। मंडी में अभी सरसों की खरीद की जा रही है।
किसान राजेंद्र, कृष्ण और राजबीर ने बताया कि रोजाना मंडी में सरसों की सरकारी खरीद की जा रही है। साथ ही कुछ प्रतिशत सरसों में नमी होने के कारण समय पर उनकी खरीद नहीं हो पा रही है। इसके अलावा किसानों को सुविधा के अभाव के कारण परेशानी हो रही है। सफाई व्यवस्था को लेकर किसानोंं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन प्रधान दिनेश भौक्कर ने बताया कि मंडी में किसानों को सभी प्रकार की मुलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिससे उन्हें मंडी में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। मंडी में करीब एक महीने से सरसों की सरकारी खरीद की जा रही है। जिसमें दो सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद की जा रही है। अन्य प्राइवेट एजेंसियों द्वारा भी सरसों की खरीद की जा रही है। साथ ही गेहूं की खरीद के लिए मंडी में बारदाना उपलब्ध करा दिया है। मंडी में समय पर सरसों का उठान होना जरूरी साथ ही गेहूं के आवक से मंडी जगह उपलब्ध नहीं हो पाएंगी। इसके लिए मंडी में सरसोंं का उठान समय पर होना चाहिए।
मार्केट कमेटी सचिव आशा ने बताया कि लगभग 15 मार्च से सरसों की आवक और खरीद को शुरू कर दिया गया। साथ ही मंडी मेंं किसानों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए कमेटी अधिकारियों द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे है। साथ ही कुछ ही दिनों में मंडियों में गेहूं की आवक के साथ खरीद को भी शुरू कर दिया है। मंडी में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। जिससे चोरी होने की घटनाओं पर काबू पाया जाएगा। मंडी में किसानों के रात के समय ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई है। साथ ही स्वच्छ पेयजल के लिए मिट्टी के घड़ों मेंं किसानों के लिए स्वच्द पानी रखा गया है। इसके अलावा गेहूं की खरीद के लिए कुछ दिन का समय और लगेगा साथ ही मंडी में बारदाना उपलब्ध करा दिया गया है।
जिला मुख्यालय की मंडी में मंगलवार को सरकारी खरीद के पहले दिन गेहूं की सिर्फ दो ढेरियां ही पहुंची। जबकि खरीद एजेंसी के अधिकारी नदारद रहे। पहले दिन नॉरम के अनुसार आवक नहीं होने की वजह से बोली नहीं हो पाई वहीं किसान भी अभी गेहूं की कटाई में जुटे हैं। मंडियों में गेहूं की आवक में अभी एक सप्ताह से दस दिन का समय लग सकता है।
भिवानी जिला मुख्यालय की मंडी सहित 11 मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद निर्धारित की है। तीन सरकारी एजेंसियां खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हरियाणा वेयर हाउस कारपोरेशन, हैफेड के माध्यम से गेहूं की सरकारी खरीद करेंगी। प्रत्येक एजेंसी को अलग-अलग मंडियां भी अलॉट की जा चुकी हैं। गेहूं की खरीद होने से पहले ही बारदाना भी आ चुका है। लेकिन अभी तक ढुलाई का टेंडर नहीं हुआ है। जिसकी वजह से मंडियों में उठान को लेकर इस बार बड़ी समस्या बनेगी।
पिछले साल सभी सरकारी एजेंसियों ने एक लाख 32 हजार 314 मीट्रिक टन गेहूं खरीद किया था। यानी करीब 26 लाख कट्टों की खरीद कराई गई थी। इस बार भी करीब 26 लाख कट्टे गेहूं खरीद होने की उम्मीद है। इस बार गेहूं एफसीआई के गोदामों के साथ-साथ प्राइवेट गोदामों और खुले में भी लगाया जाएगा। जिला मुख्यालय की चारामंडी में करीब आठ लाख गेहूं के कट्टों के खुले में भंडारण की तैयारी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने की है। किसानों को पिछले साल गेहूं के प्रति क्विंटल सरकारी खरीद पर 2275 रुपये का एमएसपी दिया गया था, लेकिन इस बार किसानों को गेहूं की प्रति क्विंटल खरीद पर 2425 रुपये एमएसपी मिलेगा।