मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश में फलों तथा सब्जियों पर लगने वाली मार्केट फीस को पूरी तरह से हटाने की घोषणा की है। जिससे बाजार में फलों और सब्जियों के दामों पर अंकुश लगेगा। इससे प्रदेश के किसानों और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि फलों और सब्जियों पर बाजार शुल्क को हटाने के लिए राज्य सरकार ने इन बागवानी उत्पादों को हरियाणा कृषि उपज विपणन अधिनियम 1961 की अनुसूची से बाहर निकालते का निर्णय लिया है। राज्य में बागवानी उत्पादों की आवाजाही पर भी कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि इस निर्णय के लागू होने से प्रदेश के लोगों को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी। राज्य सरकार पर 40 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा। जिसमें लगभग 20 करोड़ बाजार शुल्क तथा 20 करोड़ रुपये हरियाणा ग्रामीण विकास निधि के रूप में लिया जाने वाला शुल्क शामिल हैं।
इससे पूर्व राज्य में फलों और सब्जियों पर बाजार शुल्क तथा एचआरडीएफ शुल्क दो-दो फीसदी की दर से लिया जाता था। जिसे राज्य सरकार ने एक सितंबर 2012 से दो फीसदी से घटाकर एक फीसदी कर दिया था। अब सरकार ने इन बागवानी उत्पादों को बाजार शुल्क से पूरी तरह से मुक्त कर दिया है।
हुड्डा ने कहा कि हाल ही में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में महंगाई के मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा की थी। उनका सुझाव था कि लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए फलों और सब्जियों को एपीएमसी अधिनियम के दायरे से निकालने की आवश्यकता है।