हरियाणा के शहरों में फ्लैट मालिकों को प्रापर्टी टैक्स में कुछ राहत मिल सकती है।
इसके संकेत शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सावित्री जिंदल ने अमर उजाला से बातचीत में दिए हैं।
प्रदेश सरकार ने पिछले महीने राज्य में प्रापर्टी टैक्स संबंधी अधिसूचना जारी की थी।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य में मकानों और कोठियों पर टैक्स की दर प्रति वर्ग गज के हिसाब से तय की गई है जबकि फ्लैटों पर प्रापर्टी टैक्स की दर प्रति वर्ग फुट तय की गई है।
इससे फ्लैटों का प्रापर्टी टैक्स कोठियों के मुकाबले कई गुना बढ़ गया है और फ्लैट मालिक सरकार के फैसले से नाराज हैं। राज्य सरकार ने हालांकि 10 दिसंबर तक बीते तीन साल का प्रापर्टी टैक्स एकमुश्त जमा कराने पर 30 फीसदी छूट देने की घोषणा भी की है लेकिन पंचकूला, गुड़गांव, फरीदाबाद के फ्लैट मालिकों को प्रापर्टी टैक्स के रूप में भारी भरकम राशि जमा करानी पड़ रही है।
पंचकूला के कुछ फ्लैट मालिकों ने पंचकूला नगर परिषद के पूर्व प्रधान रविंद्र रावल की अगुआई में बुधवार को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सावित्री जिंदल से मुलाकात कर फ्लैटों पर लागू की गई प्रापर्टी टैक्स की दर के बारे में चर्चा की।
उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि पंचकूला में करोड़ों रुपये की कोठी के प्रापर्टी टैक्स के मुकाबले फ्लैटों का प्रापर्टी टैक्स करीब आठ गुना ज्यादा बन रहा है। इस अंतर को दूर किया जाए।
मंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि वे मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से बात कर इस अंतर को दूर करने का प्रयास करेंगी।
उन्होंने फ्लैट मालिकों से इस बाबत एक लिखित आवेदन भी देने को कहा ताकि तुरंत और विधिवत कार्रवाई हो सके।
पंचकूला समेत सात नगर निगमों में यह है प्रापर्टी टैक्स की दर
मकान/कोठी प्रति वर्ग गज
300 वर्ग गज तक 75 पैसे
301 से 500 वर्ग गज तीन रुपये
501 से 1000 वर्ग गज 4.20 रुपये
1001 वर्ग गज से दो एकड़ 5.25 रुपये
दो एकड़ से ज्यादा 7.50 रुपये
फ्लैटों में कारपेट एरिया प्रति वर्ग फुट
2000 वर्ग फुट तक 75 पैसे
2001 से 5000 वर्गफुट तक 90 पैसे
5000 वर्गफुट से ज्यादा 1.25 रुपये
इनसेट
इतना बड़ा है अंतर
पंचकूला समेत सात नगर निगमों में 300 वर्ग गज यानी 2700 वर्ग फुट के मकान का प्रापर्टी टैक्स 225 रुपये बनता है जबकि 2000 वर्ग फुट (करीब 222 वर्ग गज) के फ्लैट का प्रापर्टी टैक्स 1500 रुपये बनता है।
सब को भरना है टैक्स
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सावित्री जिंदल ने कहा कि प्रापर्टी टैक्स सब लोगों को भरना है। केवल वे संपत्ति मालिक टैक्स न भरें जिन्हें छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को गलतफहमी है कि पहले जिन मकानों को टैक्स से छूट थी उन्हें अब भी छूट है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने टैक्स की दर बेहद कम रखी है, इसलिए सब संपत्ति मालिकों को टैक्स भरना चाहिए।