फतेहाबाद। इस बार पड़ रही कड़ाके की ठंड ने हर वर्ग को प्रभावित किया है। भयंकर ठंड के कारण लोगों को दिन व रात दोनों में राहत नहीं मिल रही है। दिनभर बादलवाही होने के कारण सूर्यदेव के दर्शन भी नहीं हो रहे, वहीं रात व सुबह धुंध होने से हादसों का खतरा भी बना हुआ है। अचानक आई ठंड के कारण अब शीत घात का भी भय बन गया है और कई लोग तो इसका शिकायत हो रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने भी अत्यधिक सर्दी से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है।
फतेहाबाद में पिछले एक सप्ताह से ठंड का प्रकोप आरंभ हुआ था, धुंध के बाद इन दिनों शीत लहर का भारी प्रकोप चल रहा है। न केवल अत्यधिक ठंड, बल्कि पूरा-पूरा दिन धुंध रहती है। रविवार का दिन जहां सबसे ठंडा रहा, वहीं सोमवार को भी लोगों को सर्दी से कोई राहत नहीं मिली। सोमवार को साढ़े 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से शीतलहर चलती रही। अधिकतम तापमान 15 डिग्री व न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रशासन ने शीत घात से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी
प्रशासन की एडवाइजरी के अनुसार मौसम पूर्वानुमान लेते रहें ताकि यह पता चल सके कि आगामी दिनों में शीत लहर की संभावना है या नहीं। सर्दियों के लिए पर्याप्त कपड़ों का स्टॉक करें। घर में ठंडी हवा का प्रवेश रोकने के लिए दरवाजों तथा खिड़कियों को ठीक से बंद रखें।
शीत घात के दौरान यह करें बचाव
जितना हो सके घर में रहें। ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क को रोकने के लिए कम यात्रा करें। गर्म कपड़े पहनें। तंग कपडे खून के बहाव को रोकते हैं, इनसे बचें। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढकें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने रखें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें। सिर पर टोपी या मफलर रखें। शराब का सेवन न करें और स्वास्थ्य वर्धक भोजन करें।
विटामिन सी से भरपूर फलों का प्रयोग करें
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी। जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें, लेकिन रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें। बंद कमरों में कोयले को जलाना खतरनाक हो सकता है। क्योंकि यह कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस पैदा करती है जो किसी की जान भी ले सकती है।
शीतलहर के प्रभाव के यह हैं लक्षण
शीत लहर के अत्यधिक प्रभाव से त्वचा पीली, सख्त एवं संवेदन शून्य हो जाती है। लाल फफोले पड़ सकते हैं। यह गंभीर स्थिति होती है, जिसे गैंगरीन भी कहा जाता है। शीत लहर के पहले लक्षण पर ही चिकित्सक की सलाह लें, तब तक अंगों को तत्काल गर्म करने का प्रयास करें। शीत से प्रभावित अंगों का गुनगुने पानी से इलाज करें। शरीर में कंपकंपी को नजरअंदाज न करें।
कोट
सर्दी से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। जरूरतमंद व असहाय लोगों की मदद के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल या अन्य सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण करें। जरूरतमंद लोगों को सामाजिक संगठनों की मदद से गर्म कपड़े उपलब्ध करवाएं।
-डॉ. जगदीश शर्मा, उपायुक्त फतेहाबाद।