एडीसी ने बिजली अधिकारियों को गुलरवाला बिजली घर से बिजली आपूर्ति बहाल करवाने के बाद ग्रामीणों ने दो घंटे बाद जाम खोल दिया।
किसान
हरजीत सिंह भट्टी, जसपाल सिंह, परमजीत सिंह, बचन सिंह, महेद्र सिंह भट्टी,
काला सिंह व निर्मलजीत सिंह ने बताया कि गुलरवाला बिजली घर से आधा दर्जन
गांवों को गत 6 दिन से बिजली की घरों व ट्यूबवेलों को आपूर्ति न के बराबर
दी जा रही है।
धान की रोपाई का सीजन शुरू होने से उनको रोपाई के काम में बाधा बनी हुई है।
इसका
पहला कारण यह है कि गुलरवाला 33 केवी बिजली घर के ट्रांसफार्मर ओवर लोड
होने पर लोगों की मांग पर एक 10 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर भेजा गया था।
मगर
उसे यहां से उठा कर रहनावाली के 33 केवी सब स्टेशन में लगा दिया। किसानों
ने बताया कि दूसरा कारण है कि धान रोपाई पर रोक 15 जून को खत्म होने के बाद
बिजली की किसानों को अधिक जरूरत होती है।
6 माह पहले आए धारसूल
132 केवी बिजली घर में 132/33 केवी का 40/50 एमवीए का ट्रांसफार्मर बदलने
का काम 14 जून को शुरू हो गया है, इस काम में एक सप्ताह का समय लगेगा।
इसके
कारण गुलरवाला बिजली घर को धारसूल बिजली घर से हटा कर तीन दिन पहले चंदड़
खुर्द के 132 केवी बिजली घर से जोड़ दिया। यहां से बिजली आपूर्ति ठीक से न
चलने पर ठप होकर रह गई।
जिसके कारण बिजली को लेकर गुलरवाला बिजली
घर के अधिन पड़ने वाले गुलरवाला, ढेर, सलेमपुरी, शक्करपुरा, काना खेड़ा,
अकांवाली व भोड़ी गांवों में बिजली का गहरा संकट पैदा हो गया है।
यहां
पर घरों में रात के समय बिजली नहीं आ रही है। ये सब बिजली अधिकारियों की
लापरवाही के चलते हो रहा है। जब अधिकारियों ने उनकी समस्या का समाधान नहीं
निकाला तो मजबूरन गुल्लरवाला अकांवाली, सलेमपुरी कानाखेड़ा, ढेर, पोलावाले
कोठे व भोड़ी के ग्रामीणों ने अकांवाली में बैठक कर फैसला लिया और रोड जाम
कर दिया।
सूचना मिलने पर बिजली निगम के जेई राम कुमार, पटवारी
सुखदेव सिंह, कुलां पुलिस चौकी प्रभारी रमेश चंद्र पुलिस बल के साथ मौके पर
पहुंच कर जाम खोलने का प्रायस किया,जो असफल रहा।
अधिकारियों के घेराव के बाद बहाल हुई आपूर्ति
ग्रामीणों
ने रोड जाम करने के बाद टोहाना की तरफ से आईं कुलां की नायब तहसीलदार पूनम
सोलंकी की गाड़ी को घेर लिया। ग्रामीणों का विरोध देख नायब तहसीलदार गाड़ी
से नीचे उतर कर उनको समझाने लगी।
ग्रामीणों ने उसके आश्वासन की
तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। जब प्रदर्शनकारी ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े रहे तो
वह सड़क किनारे एक तरफ कुर्सी पर बैठ गई। इसी दौरान फतेहाबाद से टोहाना जा
रहे एडीसी राजेश जोगपाल की गाड़ी को ग्रामीणों ने घेर लिया और सरकार विरोध
नारेबाजी करने लगे।
एडीसी ने गाड़ी को वापस ले जाकर दूसरे रास्ते
टोहाना जाने का प्रयास किया। मगर अकांवाली के चारों तरफ अवरोध खड़े होने पर
एडीसी वापस जाम स्थल पर आ गए। इस बार भी उसकी गाड़ी वहां से निकलने नहीं
दी गई।
यह देख एडीसी गाड़ी से नीचे उतर कर बिजली अधिकारियों को
तुरंत बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। उनके निर्देश के बाद बिजली
आपूर्ति बहाल हो गई। इस पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।