वहीं, चौथे परिवार से 60 वर्षीय लीलूराम, उनकी पत्नी 57 वर्षीय कैलाशो देवी, बेटे 32 वर्षीय सतवीर सिंह, 30 वर्षीय सुरेश कुमार, पुत्रवधू 29 वर्षीय मनीता रानी, 28 वर्षीय सुनीता रानी ने शरीरदान करने का संकल्प लिया है। इसके अलावा सोनिया, रीना, रामप्यारी, कुलदीप, अमरजीत, सतबीर, सीमा, दया सिंह, पिंकी रानी, निर्मला देवी, बलजीत सिंह, विजेंद्र, पिंकी, परमजीत कौर, मदन लाल, रणजीत सिंह, चंचल, रिद्धि, गुरमेल सिंह ने भी देहदान की घोषणा की है।
मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी कर सकेंगे अनुसंधान
विशेषज्ञों के अनुसार मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी मरणोपरांत शरीरदानियों के शरीर पर तरह-तरह के अनुसंधान करते हैं। संकल्प पत्र भरने वाले परिवार के सभी सदस्यों का कहना है कि उनके लिए खुशी की बात है कि मरने के बाद उनका शरीर खाक होने की बजाय विद्यार्थियों के काम आएगा।
ऐसे मिली प्रेरणा
परिवार के सदस्य अध्यापक कृष्ण नैन ने बताया कि उनके पिता भोरियाराम के निधन के बाद उनका शरीर भी दान किया गया था। तभी से मन में था कि जब भी इकट्ठे होंगे तो सभी फार्म भरेंगे। परिवार में सलाह कर अब दिवाली पर यह फैसला लिया गया।