फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आठ दंत चिकित्सकों के भरोसे 10 लाख की आबादी का इलाज

विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में दंत रोग विभाग। - फोटो : Fatehabad
विज्ञापन
आठ दंत चिकित्सकों के भरोसे 10 लाख की आबादी का इलाज
विज्ञापन

जिले में डेंटल सर्जन के 27 पद स्वीकृत लेकिन 8 ही डॉक्टर, 18 अस्पतालों में डेंटल सर्जन ही नहीं
ग्रामीण स्तर पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं दांतों का उपचार, जिले में मेडिकल अफसरों के भी 50 फीसदी पद खाली
फोटो नंबर 22
मुकेश खुराना
फतेहाबाद। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार देने का स्वास्थ्य महकमा दावा करता है लेकिन हकीकत किसी से छिपी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को दांतों की बीमारी तक उपचार नहीं दे पा रहा है, ग्रामीण स्तर पर हालात सबसे ज्यादा खराब है। बता दें कि जिले में की लगभग 10 लाख से अधिक की आबादी दांतों के इलाज के लिए केवल आठ दंत चिकित्सकों के भरोसे है। जिले के 18 स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जहां पर एक भी डॉक्टर नहीं हैं। वहीं जिले में मेडिकल अफसरों के भी 50 फीसदी पद खाली पड़े हैं।
जानकर हैरानी होगी कि जिले के सरकारी अस्पतालों में 27 डॉक्टर चाहिए लेकिन 8 ही डॉक्टरों के पद भरे हुए हैं, 19 डेंटल सर्जन के पद खाली पड़े हैं। जिले के 18 स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जहां पर एक भी डॉक्टर नहीं हैं। जिला अस्पताल में सीनियर डेंटल सर्जन हैं। इसके अलावा डेंटल सर्जन के दो पद स्वीकृत है लेकिन यहां पर एक ही डेंटल सर्जन हैं। ग्रामीण स्तर पर मरीजों को दांतों का उपचार न मिलने के कारण जिला अस्पताल में आना पड़ रहा है। लेकिन तमाम सुविधाएं यहां भी उपलब्ध नहीं है, दांतों से जुड़ी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए मरीजों को निजी अस्पताल में ही जाना पड़ रहा है। संवाद
विज्ञापन

2018 में हुई थी डेंटल सर्जन की भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक डेंटल सर्जन के पद पर 2018 में भर्ती हुई थी। इसके बाद डॉक्टरों की भर्ती नहीं हुई। अब डेंटल सर्जन की भर्ती प्रक्रिया चल रही थी, जो कि विवादों में आ गई है।
जिले के इन अस्पतालों में है डेंटल सर्जन
स्वास्थ्य केंद्र पद स्वीकृत कार्यरत डॉक्टर
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 2 1
पॉलीक्लीनिक 1 0
नागरिक अस्पताल टोहाना 1 1
सीएचसी भूना 1 1
सीएचसी रतिया 1 0
सीएचसी जाखल 1 1
पीएचसी भिरड़ाना 1 1
पीएचसी झलनिया 1 1
सीएचसी बड़ोपल 1 1
जिले के इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंटल सर्जन ही नहीं
सिविल सर्जन कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समैन, नहला, पिरथला एमपी रोही, भूथनकलां, बनगांव, म्योंदकलां, मामुपुर, नागपुर, पीलीमंदोरी, कुलां, हसंगा, इंदाछुई, महमड़ा, अहरवां, खैरातीखेड़ा, सीएचसी रतिया और पॉलीक्लीनिक फतेहाबाद में डेंटल सर्जन नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंटल सर्जन का एक-एक पद स्वीकृत है लेकिन यहां पर एक भी डॉक्टर नहीं है।
चाहिए 145 डॉक्टर लेकिन 73 ही कार्यरत, कैसे मिले उपचार
जिले के सरकारी अस्पतालों को 145 डॉक्टर चाहिए लेकिन यहां पर 73 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। यानी की करीब 50 फीसदी डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। जिला अस्पताल में भरी करीब 20 डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। यहां पर सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ तक नहीं हैं।
विज्ञापन

कोट
डॉक्टरों की डिमांड समय-समय पर मुख्यालय को भेजी जाती है। हालांकि विभाग मौजूदा स्थिति में बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने का प्रयास किया जा रहा है। पंचकूला में पिछले दिनों हुई बैठक में भी एमडी के सामने डॉक्टरों की कमी का मुद्दा रखा गया था।
- डॉ. संगीता अबरोल, उप सिविल सर्जन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें