फतेहाबाद में वाहन पंजीकरण प्रक्रिया में चल रहे फर्जीवाडे़ को लेकर विशेष जांच शुरू हो गई है। परिवहन आयुक्त के आदेश पर तीन सदस्यीय विशेष टीम ऑडिट के लिए आई है। यह टीम यहां पर 28 अगस्त तक वाहन पंजीकरण से संबंधित रिकॉर्ड खंगालेगी। 23 अगस्त से यह टीम फतेहाबाद में है। हरियाणा के परिवहन आयुक्त की ओर से 19 अगस्त 2021 को जारी एक पत्र की प्रति सोशल मीडिया में वायरल है।
इस पत्र के मुताबिक फतेहाबाद की वाहन पंजीकरण अथॉरिटी के खिलाफ शिकायत है। इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि 23 अगस्त से 28 अगस्त तक स्पेशल ऑडिट की जाएगी। इस ऑडिट के दौरान वर्ष 2018 से 2020 तक का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। ऑडिट टीम में सोनीपत के परिवहन निरीक्षक राकेश कुमार, हिसार के परिवहन उप निरीक्षक ललित कुमार व जूनियर प्रोग्रामर समीर को शामिल किया गया है। बुधवार को ही उपायुक्त ने 63 कंप्यूटर ऑपरेटरों के तबादले किए हैं। इन तबादलों को इसी जांच से जोड़ कर देखा जा रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की शिकायत पर अधिकारियों समेत करीब नौ लोगों के खिलाफ मामला भी दर्ज हो चुका है। उस आपराधिक केस में भी अभी तक पुलिस कार्रवाई चल रही है।
फिलहाल ऑडिट कर रही टीम की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। 28 अगस्त के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि इस टीम ने क्या गड़बड़ी पाई है और क्या कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल विशेष जांच के चलते ई दिशा केंद्र व वाहन पंजीकरण शाखा से जुड़े कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
सोशल मीडिया में वायरल हुई थी आरसी
करीब छह महीने पहले सोशल मीडिया में फतेहाबाद से जारी कुछ आरसी वायरल हुई थीं। इस आरसी में फर्जीवाड़ा नजर आ रहा था। नियमानुसार जहां वाहन मालिक का स्थायी पता है, वहीं पर वाहन पंजीकरण हो सकता है। वायरल आरसी में एक आरसी 23 मार्च 2009 को जारी हुई थी। इसमें वाहन मालिक का पता रामगढ़ जिला संगरूर लिखा हुआ था। संगरूर पंजाब में है। इसलिए साथ में हाल निवासी टोहाना लिखा गया था। इसी तरह एक आरसी 2013 में बनी हुई थी। इसमें गांव रपानागनीजा लिखा हुआ है, लेकिन फतेहाबाद में ऐसा गांव ही नहीं है। 9 सितंबर 2011 को जारी एक आरसी में अकबरपुरा बिहार का पता है।
तीन पूर्व एसडीएम पर दर्ज है आपराधिक केस दर्ज
आरसी में फर्जीवाड़ा सामने आने पर 6 अप्रैल 2021 को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता यहां जांच करने पहुंचा। उड़नदस्ते में शामिल हिसार के डीएसपी कार्यालय के एसआई राजेश कुमार की शिकायत पर शहर थाना में तीन पूर्व एसडीएम सतबीर जांगू, सुरजीत नैन व संजय बिश्नोई, दो क्लर्क ओमप्रकाश सिहाग व राजेश खटक सहित आठ लोगों पर केस दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच के आधार पर हांसी व भिवानी के भी कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो इस फर्जीवाड़े का नेटवर्क चला रहे थे। हालांकि फतेहाबाद के एक भी अधिकारी या कर्मचारी की गिरफ्तारी आज तक नहीं हुई।
कोट
परिवहन आयुक्त की तरफ से जांच के लिए विशेष ऑडिट टीम भेजी गई है, जो अपना काम कर रही है। यह टीम वर्ष 2018 से 2020 तक का रिकॉर्ड जांचेगी। फिलहाल यह टीम 28 अगस्त तक ऑडिट करेगी।
महावीर कौशिक, उपायुक्त, फतेहाबाद।