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बिल्डिंग है लेकिन डॉक्टर नहीं, रेफरल सेंटर बने अस्पताल

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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में मरीजों की लगी लाइन। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। सामान्य बीमारी से लेकर इमरजेंसी केस में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर नागरिक अस्पताल रेफर सेंटर बने हुए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों से रोजाना 30 फीसदी मरीज हायर सेंटर के लिए रेफर हो रहे हैं। बेशक गांव से लेकर शहर में स्वास्थ्य केंद्र खुले हुए हैं, लेकिन सिर्फ प्राथमिक उपचार तक ही सीमित है। वजह एक ही है कि जिले में 50 फीसदी डॉक्टरों की कमी है। पीएचसी, सीएचसी और नागरिक अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है। जिले को 145 डॉक्टरों की जरूरत है लेकिन यहां पर 73 डॉक्टर ही कार्यरत हैं।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर नागरिक अस्पतालों में स्पेशलिस्टों की कमी है। जिला नागरिक अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ, सर्जन और आर्थो की कमी है। यहां पर मात्र एक ही महिला रोग विशेषज्ञ है। ऐसे में गर्भवती को किस तरह से सुविधा मिल रही है, उसका अंदाजा लगाया जा सकता है। बता दें कि नागरिक अस्पताल में पिछले दो साल से हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसके अलावा सर्जन की कमी के कारण लोगों को सामान्य ऑपरेशन के लिए निजी में जाना पड़ रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ भी आउटसोर्सिंग पर हैं। अस्पताल में मात्र एक ही महिला रोग विशेषज्ञ है।
30 फीसदी मरीज हो रहे रेफर
सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी के कारण रोजाना 30 फीसदी मरीज अग्रोहा मेडिकल के लिए रेफर हो रहे है। दुर्घटनाग्रस्त घायलों के लिए अस्पताल में प्राथमिक उपचार के अलावा कोई सुविधा नहीं है। पीएचसी और सीएचसी से नागरिक अस्पताल में मरीज रेफर किए जा रहे हैं और यहां से अग्रोहा मेडिकल रेफर किया जा रहा है। गंभीर मरीजों का समय रेफर में बर्बाद हो रहा है।
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जिला के अस्पतालों में डॉक्टरों की स्थिति
अस्पताल स्वीकृत पद कार्यरत खाली
सिविल अस्पताल फतेहाबाद 42 17 25
पॉलीक्लीनिक हुडा 2 1 1
सिविल अस्पताल टोहाना 13 9 4
सिविल अस्पताल रतिया 13 5 8
पीएचसी हिजरावां 2 0 2
पीएचसी नागपुर 2 1 1
पीएचसी महमड़ा 2 1 1
पीएचसी अहरवां 2 1 1
पीएचसी भिरड़ाना 2 1 1
पीएचसी हसंगा 2 1 1
पीएचसी भूथनकलां 7 1 6
सीएचसी भट्टूकलां 7 5 2
पीएचसी पीलीमंदोरी 2 1 1
पीएचसी बनगांव 2 2 0
पीएचसी खैरातीखेड़ा 2 2 0
पीएचसी खाबड़ाकलां 2 0 2
सीएचसी बड़ोपल 7 4 3
पीएचसी बीघड़ 2 0 2
सीएचसी जाखल 7 5 2
पीएचसी मामुपुर 2 1 1
पीएचसी समैन 2 1 1
पीएचसी इंदाछुई 2 1 1
पीएचसी कुलां 2 2 0
पीएचसी म्योंदकलां 2 1 1
सीएचसी भूना 7 4 3
पीएचसी पिरथला 2 2 0
पीएचसी झलनियां 2 1 1
पीएचसी एमपीरोही 2 2 1
पीएचसी नहला 2 1 1
नोट : डॉक्टरों के खाली पदों का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल जारी किया था।
यहां तीन बजे के बाद नहीं होते एक्सरे
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में ओपीडी समय में ही एक्सरे की सुविधा है। ओपीडी समय के बाद यहां पर एक्सरे नहीं होते है। यानि की इसके बाद आने वाले गंभीर मरीजों को एक्सरे के लिए भी रेफर किया जा रहा है। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में गर्भवती के लिए ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। दुर्घटना में घायलों को एमआरआई, एक्सरे के लिए निजी सेंटरों पर जाना पड़ रहा है।
डेंटल सर्जनों की भी कमी
जिले में डेंटल सर्जनों की भी कमी है। जिले में डेंटल सर्जन के 27 पद स्वीकृत है लेकिन यहां पर मात्र 9 ही डॉक्टर कार्यरत है। जिले में 18 डेंटल सर्जनों के पद खाली पड़े है। 17 अस्पतालों में एक भी डेंटल सर्जन नहीं है।
कोट
जिले में डॉक्टरों की कमी है, इसको लेकर मुख्यालय के पास डिमांड भी भेजी गई है। लेकिन फिर भी हम अपने स्तर पर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का प्रयास कर रहे है।
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- डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन
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