फतेहाबाद। भट्टू खंड के गांव ढिंगसरा स्थित खेल मैदान अब पूरी तरह से बदहाली का शिकार हो गया है। सरकारी दावों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने का सपना अधूरा ही नजर आ रहा है। मैदान में बुनियादी सुविधाओं की घातक कमी ने खिलाड़ियों के लिए अभ्यास करना मुश्किल बना दिया है।
मैदान की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां उगी घास और जंगली झाड़ियों ने पूरे मैदान को बंजर भूमि में बदल दिया है। खिलाड़ियों का कहना है कि घास इतनी ऊंची हो चुकी है कि उस पर दौड़ने या खेल का अभ्यास करने के बजाय चलना भी कठिन हो गया है। इसके अलावा, मैदान में बने गड्ढे अब घास के कारण नजर नहीं आते, जिससे खिलाड़ियों को चोट लगने का खतरा बढ़ गया है।
बास्केटबॉल खेल के लिए लगाए गए संसाधन भी अब खराब हो रहे हैं, जिनकी देखभाल की जरूरत है। मैदान में अन्य खेलों के लिए भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे खिलाड़ियों को सही तरीके से अभ्यास करने में परेशानी हो रही है। गांव के युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए इस मैदान का उपयोग करते थे, लेकिन अब सुविधाओं की कमी और मैदान की खराब हालत के कारण उनकी संख्या लगातार घट रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द ही इस मैदान की स्थिति सुधारने की मांग की है, ताकि वे बिना किसी समस्या के अपने खेल में निखार ला सकें।
गांव के युवा बोले मैदान में नहीं है सामान व सुविधा
गांव के युवा सुमित कुमार ने बताया कि हम सुबह और शाम के समय अभ्यास करने आते हैं, लेकिन मैदान की इस खराब हालत के कारण अभ्यास नहीं कर पाते। काफी बार ग्राम पंचायत को घास कटवाने के लिए बोला है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। गांव के युवा पवन कुमार, गौरी, सुनील आदि ने बताया कि खिलाडिय़ों के लिए पहले से उपलब्ध कराए गए कुछ खेल संसाधन और उपकरण भी अब जर्जर हो चुके हैं। ये इस्तेमाल के लायक नहीं बचे हैं। इनसे कभी भी हादसा हो सकता है।
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गांव ढिगसरा के खेल मैदान में पीने के पानी के लिए लगा प्याउ जिसमें पानी ही नहीं है। संवाद