फतेहाबाद। नरमा के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के मुद्दे पर शनिवार को गांव भोडियाखेड़ा, भूथन कलां, ढाणी ईशर के किसान मार्केट कमेटी के दफ्तर पहुंचे। किसानों का नेतृत्व कर रहे मनफूल ढाका ने बताया कि सीसीआई, नई अनाज मंडी में नरमा की खरीद कर रही है परन्तु इसमें पूरी तरह से मनमानी और हेराफेरी चल रही है।
भोडियाखेड़ा के किसान मैनपाल का सीसीआई ने 7545 रुपये एमएसपी के आसपास नरमा खरीदा। फैक्टरी में जाने के बाद वहां पर मौजूद कर्मचारी ने कहा कि नरमा की क्वालिटी अच्छी नहीं है, इसलिए इसे वापस ले जाओ। यह वही कर्मचारी था जिसने अनाज मंडी में इस ढेरी की बोली लगा कर पास किया था।
ढेरी रिजेक्ट होने के बाद किसान ने रात को ट्रैक्टर-ट्रॉली वहीं फैक्टरी में ही खड़ी करके देर रात घर लौट गया। इस मुद्दे पर किसान सभा ब्लॉक समिति के सदस्य कृष्ण ज्याणी भूथन कलां, भोडियाखेड़ा के पीड़ित किसान को साथ लेकर मार्केट कमेटी सचिव के दफ्तर पहुंचे। हालांकि सचिव चंडीगढ़ मीटिंग में व्यस्त थे तो किसान नेता मनफूल ढाका ने उनसे फोन पर बात की और सारा मामला बताया।
इस पर सचिव ने बताया कि वे चंडीगढ़ में कोई मीटिंग में व्यस्त हैं और फिलहाल इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। इस पर किसानों ने वहां मौजूद अन्य अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो मार्केट कमेटी के दफ्तर पर धरना लगाया जाएगा। इसके तुरंत बाद सचिव ने फोन कर कहा कि संबंधित किसान का उसी रेट 7545 पर नरमा तुलवा दिया गया है।
किसानों ने कहा कि सीसीआई से खरीद के बाद मिल में जाकर हर ढेरी से 30 किलो, 80 किलो, 1 क्विंटल तक नरमा की काट काटी जाती है। सीसीआई द्वारा सरकारी खरीद 7400 से 7800 के आसपास की जा रही है और इसमें क्वालिटी और नमी के कई मानदंड रखे गए हैं। ये गलत हैं।
भूथन कलां के किसान अमरजीत सिंह ढाका ने बताया कि उसका नरमा 27 नवंबर को सीसीआई ने खरीदा और फैक्टरी में पहुंचने के बाद ढेरी में से 30 किलो नरमा की काट ली गई। इस बारे में मार्केट कमेटी सचिव को अवगत करा दिया गया है और इसकी लिखित शिकायत संबंधित अधिकारियों को की जाएगी। इस अवसर पर राजेश, जितेन्द्र, सुमित, सचिन, विक्रम आदि किसान मौजूद रहे।