फतेहाबाद। जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर स्थित गांव कुकड़ावाली में मंगलवार रात एक तेंदुआ घुस आया। तेंदुआ रात में बिना किसी को नुकसान पहुंचाए ग्रामीण जयदीप खटाणा के मकान में बने खाली कमरे में जाकर बैठ गया। बुधवार सुबह करीब छह बजे जयदीप के परिवार को घर में तेंदुआ घुसने की जानकारी मिली। इसके बाद वन्य प्राणी विभाग व पुलिस को सूचना दी गई। जैसे ही ग्रामीणों को सूचना मिली तो दहशत फैल गई। फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, भिवानी व रोहतक की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए करीब साढ़े आठ घंटे बाद तेंदुए को काबू कर लिया।
बता दें कि गांव कुकड़ावाली में घुसे तेंदुए ने ग्रामीणों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। इसके पीछे उस परिवार की सूझबूझ रही, जिनके घर में तेंदुआ घुसा। ग्रामीण जयदीप खटाणा को जैसे ही घर में तेंदुआ होने की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल सिरसा में वन्य प्राणी विभाग में तैनात अपने रिश्तेदार के पास फोन किया। रिश्तेदार ने उन्हें बिना कोई शोर किए धैर्य से काम लेते हुए तेंदुए वाले कमरे को बंद करने की सलाह दी। दूसरी तरफ वन्य प्राणी विभाग फतेहाबाद व शाह सतनाम ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स की टीम को सूचना दे दी गई। फोर्स से जुड़े गांव के ही युवक वीरेंद्र उर्फ बीरू ने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए वाले कमरे के आगे जाल लगा दिया। इससे तेंदुआ उसी परिसर में ही रुका रहा। ूचना मिलते ही फतेहाबाद के अलावा सिरसा, हिसार व भिवानी की टीम भी मौके पर पहुंच गई। हिसार से आए इंस्पेक्टर दिनेश जांगड़ा ने ट्रेंकुलाइजर गन के माध्यम से तेंदुए को बेहोश करने की कोशिश की। मगर गन का प्रेशर नहीं बन पाया। इसके बाद रोहतक से आधुनिक तकनीक वाली ट्रेंकुलाइजर गन के साथ टीम बुलाई गई। दोपहर करीब 2 बजे रोहतक से पहुंची टीम में शामिल डॉ. अशोक खासा ने गन से इंजेक्शन चलाकर तेंदुए को बेहोश किया।
तेंदुए ने सीने पर पंजे मारकर युवक को किया घायल
तेंदुए को पकड़ने के लिए दो बार प्रयास किए गए। पहला प्रयास जयदीप खटाणा के कमरे में ही किया गया। वहां जाल लगाकर तेंदुए पकड़ने की कोशिश हुई, लेकिन तेंदुआ निकलकर पड़ोसी मोहनलाल के बाड़े में आकर बाहर के कमरे में छुप गया। इस बीच युवक वीरेंद्र उर्फ बीरू को तेंदुए का पंजा भी लग गया। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके सीने पर तीन टांके लगे।
आठ घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
मोहनलाल के बाड़े में घुसे तेंदुए को वहीं रोके रखने के लिए कमरे के आगे फिर से जाल लगाया गया। इस कमरे के आगे बैलगाड़ी व चारपाई लगाई गई ताकि तेंदुआ बाहर न निकल सके। एक छोर की छत पर इंस्पेक्टर दिनेश जांगड़ा बंदूक लेकर बैठे रहे ताकि बाहर निकले तो तेंदुए पर इंजेक्शन फायर किया जा सके। दूसरी तरफ कमरे की खिड़की की जाली काटकर रोहतक से आए अधिकारी ने बंदूक से इंजेक्शन फायर करके तेंदुए को बेहोश किया। इसके बाद टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया। बाद में टीम उसे फतेहाबाद स्थित कार्यालय ले गई। जहां से उच्चाधिकारियों के आदेश पर शाम को यमुनानगर जिले में स्थित क्लेसर के जंगल में उसे छोड़ने के टीम रवाना कर दी गई।
छतों पर चढ़े रहे ग्रामीण, तेंदुआ बाहर निकला तो दौड़े
जैसे-जैसे गांव में तेंदुआ होने की सूचना मिली तो ग्रामीण जयदीप खटाणा के घर के पास एकत्रित होने लगे। यहां आसपास के घरों की छतों पर चढ़कर ग्रामीण तेंदुए को देखने के लिए उत्सुक नजर आए। मगर वन्य प्राणी विभाग और दरियापुर पुलिस चौकी की टीम ग्रामीणों को वहां से हटाने के लिए प्रयास करती रही। पहले प्रयास के दौरान जब तेंदुआ एक कमरे से निकलकर दूसरे कमरे में घुसा तो ग्रामीण दौड़ पड़े।
साल 2018 के बाद नहीं संभाली बंदूक
हिसार में साल 2018 में तेंदुआ आया था। हिमाचल प्रदेश से भटका हुआ तेंदुआ उस समय धांसू रोड क्षेत्र में घूमता नजर आया था। बाद में रेस्क्यू करके वन्य प्राणी विभाग ने तेंदुआ पकड़ा था। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया कि साल 2018 के बाद बंदूक संभाली ही नहीं थी क्योंकि इन क्षेत्रों में तेंदुआ मिलने के इक्का-दुक्का केस आते हैं। अब चार साल बाद दोबारा से बंदूक की जरूरत पड़ी।
पंजाब क्षेत्र से घग्गर के साथ-साथ पहुंचने का अंदेशा
फतेहाबाद व इसके आसपास के दूरदराज के क्षेत्र में कोई जंगल नहीं है। ऐसे में यह तेंदुआ पंजाब क्षेत्र से आने की आशंका जताई गई है। वन्य प्राणी निरीक्षक जयविंद्र नेहरा का कहना था कि राजस्थान से तेंदुए के आने की भी संभावना नहीं है क्योंकि वहां छोटे कद के तेंदुए हैं। डीएफओ वेदप्रकाश के मुताबिक यह तेंदुआ पंजाब के रोपड़ क्षेत्र से घग्गर नदी के साथ-साथ आने की आशंका है।
एक मीटर ऊंचाई, 65 किलो वजन, सात साल का था तेंदुआ
अधिकारियों के मुताबिक तेंदुए की ऊंचाई एक मीटर है। वजन 65 किलो के आसपास था। तेंदुए की उम्र सात साल आंकी गई है। यह पूरा व्यस्क तेंदुआ था।
पांच जिलों की टीम पहुंची
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में पांच जिलों की टीम शामिल हुई। फतेहाबाद के अलावा सिरसा, हिसार, भिवानी और रोहतक की टीम का संयुक्त ऑपरेशन रहा।
मंदिर में हुई घोषणा, स्कूल से बच्चों को घर ले आएं परिजन
जिस समय तेंदुए को पकड़ने के लिए ऑपरेशन चला। उस दौरान स्कूल में विद्यार्थियों की परीक्षा चल रही थी। दोपहर को मंदिर से स्कूल मुखिया ने घोषणा करवाई कि स्कूल से बच्चों को परिजन आकर घर ले जाएं। इसके बाद परिजन स्कूल पहुंचे और बच्चों को अपने साथ घर लेकर आए।
यूं चला घटनाक्रम
सुबह 6 बजे : जयदीप के घर में तेंदुआ होने की सूचना मिली।
सुबह 6.30 बजे : वन्य प्राणी विभाग को सूचना दी गई।
सुबह 8 बजे : रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ।
दोपहर 12 बजे : तेंदुआ पकड़ने का पहला प्रयास हुआ।
दोपहर 12.28 बजे : तेंदुआ एक कमरे से दूसरे कमरे में घुसा।
दोपहर 12.40 बजे : दूसरे कमरे में घुसे तेंदुए के आगे जाल बिछाया गया।
दोपहर 2.15 बजे : तेंदुए को रोहतक से आए डॉ. अशोक खासा ने इंजेक्शन लगाया।
दोपहर 2.30 बजे : तेंदुए को पिंजरे में डालकर कमरे से बाहर निकाला गया।
दोपहर 2.40 बजे : तेंदुआ वन्य प्राणी विभाग की टीम अपने साथ ले गई।
कोट
रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को सुरक्षित तरीके से काबू कर लिया गया है। किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। अब तेंदुए को क्लेसर के जंगल में भेज दिया गया है।
-वेदप्रकाश, डीएफओ, हिसार
गांव कुकड़ावाली में काबू किया गया तेंदुआ।- फोटो : Fatehabad
गांव कुकड़ावाली में घुसे तेंदुए को पिंजरे में डालकर ले जाते टीम के सदस्य।- फोटो : Fatehabad