फतेहाबाद। लोगों को घर बैठे सरकारी सुविधाओं का फायदा देने के लिए बनाई गई परिवार पहचान पत्र योजना अब लोगों के गले की फांस बनती जा रही है। परिवार पहचान पत्र के तहत लोगों की आय का सत्यापन करने के लिए बनाई गई कमेटी अगर परिवार की आय पर असहमति जताती है तो इसके बाद शर्तें पूरी करवाने के लिए चंडीगढ़ आवेदन करना पड़ रहा है। यह प्रक्रिया लंबी है। जिस कारण आय सत्यापन में मिलने वाली गड़बड़ी से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
खासतौर पर धारा 134ए के तहत जिन विद्यार्थियों के दाखिले होने हैं उनके दाखिले रुक गए हैं। कई बच्चों के तो डेढ़ माह बाद भी एडमिशन नहीं हुए हैं। हरियाणा सरकार ने लोगों को घर बैठे ही सरकार की योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए सरकार ने परिवार पहचान पत्र योजना लागू की है। इस योजना के तहत पूरे परिवार की सभी जानकारी और उनकी आय तक परिवार पहचान पत्र में डाली जा रही है। परिवार की आय के अनुरूप ही उनको लाभ भी दिया जा रहा है, लेकिन अब इस योजना में पेच भी फंसने लगे हैं। सरल केंद्रों पर जब लोग परिवार पहचान पत्र बनवाते हैं तो उनकी आय का सत्यापन होता है। परिवार पहचान पत्र में आय पर असहमति का सबसे बड़ा नुकसान नियम 134 के तहत दाखिला लेने वाले बच्चों को हो रहा है। परिवार पहचान पत्र सही पर जमा न करवाने के कारण उनके दाखिले नहीं हो रहे हैं। स्कूलों में दाखिले से पहले उनके परिवार की आय प्रमाणिकता मांगी जा रह ही है, जिस कारण कई बच्चे अभी तक दाखिलों से वंचित हैं।
स्कूल टीचर, ऑपरेटर व समाजसेवी करते हैं आय का सत्यापन
परिवार पहचान पत्र बनने के बाद स्कूली अध्यापकों, स्कूली ऑपरेटरों व समाजसेवियों की टीम संबंधित परिवार की आय का सत्यापन करती है। यह लोग परिवार की आय को सत्यापित करते हैं और इसके बाद लोगों को योजना का लाभ मिलता है
आय पर असहमति, तो चंडीगढ़ से होता है सत्यापन
अगर यह लोग संबंधित परिवार की आय पर असहमति जता देते हैं, तो संबंधित व्यक्ति को ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है और इसके बाद चंडीगढ़ मुख्यालय से उनकी आय के सत्यापन का कार्य आरंभ होता है। यह प्रक्रिया काफी लंबी होती है और इसमें एक माह तक का समय भी लग जाता है, क्योंकि मुख्यालय में प्रदेेश से अनेक ऐसे आवेदन आते हैं। जिले में प्रतिदिन 3 से 5 ऐसे केस आ रहे हैं।
केस 1
भट्टूकलां निवासी सुरेंद्र कुमार की बेटी कशिश का नियम 134 ए के तहत भट्टूकलां के सतलुज पब्लिक स्कूल में दाखिला हुआ था। उसने परिवार पहचान पत्र में अपनी आय 80 हजार रुपये दर्शाई थी, लेकिन इस पर असहमति जता दी गई। अब वह विभाग के चार बार चक्कर काट चुका है, लेकिन आय सत्यापित नहीं हो रही, जिस कारण उसकी बेटी का दाखिला रुका हुआ है।
केस 2
शहर की हंस कॉलोनी निवासी भंवरलाल ने बताया कि उसके बेटे अभिषेक का शहर के एक निजी स्कूल में कक्षा सातवीं में नियम 134ए के तहत दाखिला हुआ है। उसने अपनी आय परिवार पहचान पत्र में 90 हजार दर्शाई थी, लेकिन उसको नोट एग्रीड कर दिया गया। जिस कारण उसके बेटे का पिछले डेढ़ माह से दाखिला रुका हुआ है।
कोट
जिन लोगों परिवार पहचान पत्र में आय पर असहमति जताई जा रही है, उसको दुरुस्त करवाने के लिए चंडीगढ़ मुख्यालय में ऑनलाइन आवेदन करवाना होता है। इस प्रक्रिया में देरी हो जाती है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन इस तरह से 3 से 4 केस आ रहे हैं।
-लवकेेश कुमार, जिला मैनेजर, परिवार पहचान पत्र योजना