अधिकारियों के साथ बैठक करते डीसी महावीर कौशिक।
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लघु सचिवालय के सभागार में अधिकारियों की बैठक लेकर उपायुक्त महावीर कौशिक ने मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की समीक्षा की। उपायुक्त ने बताया कि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों में जिनकी आय 25 हजार रुपये सालाना है, उनको गरीबी रेखा से ऊपर लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना लागू की गई है। इसके पहले चरण में 1883 परिवारों को लाभ दिया जाना है, इसमें से 1388 परिवारों का सर्वे पूरा हो चुका है। शेष बचे 495 परिवारों का सर्वे भी जल्द पूरा किया जाए।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ब्लॉक स्तर पर जागरूकता शिविरों का आयोजन कर लाभपात्रों को मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना का लाभ देना सुनिश्चित करें। इस कार्य में कोई भी अधिकारी व कर्मचारी कोताही न बरतें। योग्य लाभपात्रों को शत प्रतिशत योजना का लाभ दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिले में 1883 के अलावा अगर और कोई गरीब परिवार मिलता है, तो उसे भी योजना का लाभ दिया जाए।
इस मौके पर एसडीएम राजेश कुमार, चिनार चहल, सीटीएम अंकिता वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनीता सोखी, डीएसडब्ल्यूओ इंद्रा यादव, बीडीपीओ संदीप भारद्वाज, डीडीएएच डॉ. काशीराम, डीआईओ सिकंदर, जिला कल्याण अधिकारी लालचंद बिश्नोई, पीओ आईसीडीएस राजबाला, रेडक्रॉस सचिव नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
जिले को 12 जोन में बांटा
उपायुक्त ने बताया कि योजना के सही क्रियान्वयन को लेकर पूरे जिले को 12 जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन के लिए एक-एक कमेटी गठित की गई है। ग्रामीण क्षेत्र को सात जोन तथा शहरी क्षेत्र में पांच जोन बनाए गए हैं। गठित जोनल कमेटियों में उन विभागों के अधिकारी शामिल किए गए हैं, जिनके माध्यम से जन कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में सूची में शामिल गरीब लोगों की आय एक लाख रुपये वार्षिक तक ले जाने तथा इसके बाद इन परिवारों की आय को एक लाख 80 हजार रुपये से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है।