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स्वच्छता सर्वेक्षण : फतेहाबाद, टोहाना, भूना की रैंकिंग गिरी, जाखल देश में 552वें स्थान पर

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नगर परिषद कार्यालय। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 का शनिवार को परिणाम जारी हो गया है। इस बार जिले के पांच में से तीन शहर पिछले साल की तुलना में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। फतेहाबाद, टोहाना और भूना शहर की रैंकिंग गिरी है। टोहाना शहर देश भर में 60वें जबकि पिछले साल 26वें स्थान पर था। इसी तरह से फतेहाबाद शहर 30वें स्थान पर रहा है जबकि पिछली बार 27वें स्थान पर रहा था। भूना शहर भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया है और 105वें स्थान से 178वें पर खिसक गया है। जाखल शहर ने पहली बार स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे में भाग लिया था लेकिन ये पहली बार में ही 552वें स्थान पर रहा। स्वच्छता सर्वेक्षण के जारी हुए परिणाम ने शहरों की सफाई व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
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ये रहा देश में स्थान
50 हजार से 1 लाख जनसंख्या वाले शहर में स्थान
शहर 2020 में रहा स्थान 2021 में रहा स्थान
टोहाना 26वां 60वां
फतेहाबाद 27वां 30वां
देश में 25 हजार से 50 हजार जनसंख्या वाले शहर
शहर 2020 में रहा स्थान 2021 में रहा स्थान
भूना 105वां 178वां
रतिया 137वां 130वां
जाखल 00वां 552वां
इस आधार पर जारी हुए अंक
कुल अंक : 6000
शहरवासियों से फीडबैक : 1500
कागजात की जांच : 1500
प्रत्यक्ष अवलोकन : 1500
सेवा स्तर की प्रगति : 1500
अब जाने चार सालों के स्वच्छ सर्वेक्षण का परिणाम
शहर 2021 2020 2019 2018
फतेहाबाद 30 27 177 191
टोहाना 60 26 329 289
भूना 178 105 399 172
रतिया 130 137 984 572
जाखल 552 00 00 00
ये है शहरों की जनसंख्या
शहर जनसंख्या
फतेहाबाद 1 लाख से कम
टोहाना 1 लाख से कम
रतिया 50 हजार से कम
भूना 50 हजार से कम
जाखल 50 हजार से कम
शहर से रोजाना ये निकलता है कचरा
शहर टन
फतेहाबाद 41
टोहाना 30
रतिया 20
भूना 10
प्रदेश में पहले स्थान पर रहा शहर फतेहाबाद
स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रदेश स्तर पर रैंकिंग देखी जाए तो फतेहाबाद शहर ने पहला स्थान मिला है। स्वच्छ भारत मिशन के सिटी इंचार्ज कुमार सौरभ के मुताबिक टोहाना 5वें, भूना 20वें, रतिया 15वें तथा जाखल 27वें स्थान पर रहा है।
अफसरों की लेट लतीफी ने शहरों को पीछे धकेला, नहीं चमका पाए शहर
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर मार्च माह में सर्वे हुआ था। टीम बिना बताए यहां आई और सर्वे करके चली गई। अब इसका परिणाम जारी किया गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण ने सफाई व्यवस्था की पोल भी खोली है। फतेहाबाद नगर परिषद की बात की जाए तो यहां पर मेन पावर की कमी है। 400 जनसंख्या की जगह 700 से 800 जनसंख्या पर एक कर्मचारी है। डोर टू डोर कचरा उठान का टेंडर न तो रद हो पाया है और न ही अफसर सिरे चढ़ा पाए हैं। शौचालयों की मरम्मत व सफाई का पांच माह से टेंडर ही नहीं हो पाया है।
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कोट
स्वच्छता सर्वेक्षण का परिणाम जारी हो गया है। पिछले साल की तुलना में फतेहाबाद, टोहाना और भूना की रैंकिंग अच्छी नहीं रही है। मुख्य वजह मेन पॉवर की कमी भी है, प्लानिंग बनाई जाती है लेकिन मेन पॉवर की कमी के कारण सिरे नहीं चढ़ पाती है। 2022 के स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छा प्रदर्शन के लिए प्रयास किया जाएगा।
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- कुमार सौरभ, सिटी इंचार्ज स्वच्छ भारत मिशन फतेहाबाद।
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