शिक्षा विभाग ने 1 से 15 जनवरी तक शीतलकालीन अवकाश घोषित किया था। घने कोहरे व शीतलहर के बीच गिरते न्यूनतम तापमान को देखते हुए पहली से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए शीतकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाकर 20 जनवरी तक कर दी थी। 21 जनवरी को रविवार व 22 जनवरी को अयोध्या के श्रीराम मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अवकाश घोषित किया गया था।
ऐसे में 22 दिन बाद मंगलवार को पहली से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थी सुबह कोहरे में कांपते हुए स्कूल पहुंचे। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं बच्चे पैदल स्कूल जाते दिखाई दिए ताे कहीं पर तैयार होकर सड़क किनारे परिजनों के साथ बस का इंतजार करते रहे।
सर्दी की छुट्टी के बाद आज मंगलवार से पहली से तीसरी कक्षा तक के स्कूल भी खुल गए हैं। स्कूल सुबह 9:30 बजे लगे, जिसके लिए बच्चे कड़ाके की ठंड व गहरे कोहरे के बीच स्कूलों में पहुंचे। जिला भर में चार डिग्री तक न्यूनतम तापमान के बीच स्कूलों में पहुंचना बच्चों के लिए किसी बड़े संघर्ष से कम नहीं था।
जहां अभिभावक बच्चों को कपड़ों में लपेट स्कूलों तक छोड़ते हुए दिखाई दिए तो वहीं अनेकों बच्चे कांपते हुए स्कूलों में प्रवेश करते रहे।
शिक्षा विभाग ने 1 से 15 जनवरी तक शीतलकालीन अवकाश घोषित किया था। घने कोहरे व शीतलहर के बीच गिरते न्यूनतम तापमान को देखते हुए पहली से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए शीतकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाकर 20 जनवरी तक कर दी थी। 21 जनवरी को रविवार व 22 जनवरी को अयोध्या के श्रीराम मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अवकाश घोषित किया गया था।
ऐसे में 22 दिन बाद मंगलवार को पहली से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थी सुबह कोहरे में कांपते हुए पहुंचे। उधर गहरे कोहरे के चलते भी बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अनेकों स्कूल बसें भी कोहरे के चलते लेट पहुंची और चौक-चौराहों व अन्य स्टॉप पर बच्चे व अभिभावक इंतजार करते रहे। कड़ाके की ठंड के चलते अभिभावक छोटे बच्चों के लिए आगे भी छुट्टी बढ़ाए जाने की मांग करने लगे हैं।