फतेहाबाद के सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए विद्यार्थी
फतेहाबाद। सर्दी शुरू होते ही शिक्षा विभाग ने स्कूलों का समय बदल दिया है। लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी बिना स्वेटर या फिर बिना वर्दी के ही स्कूल पहुंच रहे हैं। सत्र शुरू होने के आठ माह बाद भी विद्यार्थियों के खाते में वर्दी में भत्ता नहीं पहुंचा है। शिक्षा विभाग की तरफ से प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को 800 रुपये और मिडिल कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक हजार रुपये वर्दी भत्ता दिया जाता है।
शिक्षा विभाग ये वर्दी भत्ता विद्यार्थियों के बैंक खाते में सत्र शुरू होने के बाद जारी करता है। लेकिन अधिकतर विद्यार्थियों के खाते में राशि जारी नहीं हुई है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकतर विद्यार्थी ऐसे होते हैं जो कि गांवों और ढाणियों से आते हैं। सुबह के समय खेतों में ठंड का कहर भी ज्यादा होता है। दौलतपुर निवासी रामेश्वर सिंह का कहना है कि उसका बेटा फतेहाबाद सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए जाता है लेकिन उसका वर्दी भत्ता अभी तक जारी नहीं हुआ है।
एमआईएस पोर्टल पर दर्ज होता है डाटा
सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों का डेटा एमआईएस पोर्टल पर दर्ज होता है। ये डेटा आधार कार्ड से भी जुड़ा होता है। पोर्टल पर दर्ज डेटा के आधार पर ही विभाग भत्ता जारी करता है।
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शिक्षा विभाग ने सर्दी के चलते समय तो बदल दिया है लेकिन अधिकतर विद्यार्थियों के बैंक खाते में वर्दी भत्ता जारी नहीं हुआ है। इसके चलते विद्यार्थी बिना वर्दी और स्वेटर के स्कूल पहुंच रहे है। कई परिवारों के बच्चे ऐसे होते है जो कि वर्दी नहीं खरीद सकते है। शिक्षा विभाग को सत्र जारी होते ही राशि जारी करनी चाहिए।
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देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ