फतेहाबाद। बाहर के प्रदेशों व हरियाणा के अन्य जिलों से फतेहाबाद में आकर कुश्ती की कोचिंग ले रहीं महिला खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी है। फतेहाबाद में जल्द ही इन खिलाड़ियों के लिए फतेहाबाद के गांव भोड़िया खेड़ा स्थित खेल स्टेडियम में आवासीय कुश्ती नर्सरी बनने जा रही है। खेल विभाग ने इसके लिए खेल विभाग के मुख्य डायरेक्टर के पास प्रपोजल भी भेज दिया है और उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति मिलने पर इस पर काम भी आरंभ हो जाएगा।
फतेहाबाद के भोड़िया खेड़ा खेल स्टेडियम में इस समय महिला कुश्ती के प्रशिक्षण के लिए नर्सरी चल रही है। इस नर्सरी में इस समय 30 युवतियां व 40 लड़के कुश्ती का प्रशिक्षण कोच अनिल से ले रहे हैं। फतेहाबाद की इस नर्सरी से अनेक प्रतिभाएं भी सामने आ रही हैं, जिनमें गांव भोड़िया खेड़ा की आरजू है, जिसने एशिया कप, वर्ल्ड चैंपियनशिप सहित राष्ट्रीय स्तर पर पांच से अधिक गोल्ड मेडल हासिल किए हैं। आरजू मूल रूप से चरखी दादरी की है, लेकिन वह यहीं पर आकर प्रशिक्षण ले रही है। इसके अलावा इस नर्सरी में 15 लड़कियां ऐसी हैं, जो राजस्थान के भादरा, गुजरात, मध्य प्रदेश, प्रदेश के जिले भिवानी, हिसार आदि से हैं। संवाद
प्रशिक्षण तो मिल रहा, लेकिन आवास नहीं
क्षेत्र की महिला खिलाड़ियों को तो नर्सरी में कुश्ती प्रशिक्षण लेने में कोई परेशानी नहीं आती, वह घर आसानी से जा सकती हैं, लेकिन बाहर से आने वाली प्रशिक्षुओं को आवास की दिक्कत आती है। यह खिलाड़ी या तो पीजी में रह रही हैं अथवा किराए का मकान लेकर। उनको डाइट भी खुद ही लेनी पड़ती है।
आवासीय खेल नर्सरी में मिलेंगी यह सुविधाएं
बाहर से आने वाली महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा व उनकी सुविधा के लिए खेल विभाग नेे फतेहाबाद खेल स्टेडियम में आवासीय कुश्ती खेल नर्सरी खोलने के लिए प्रपोजल सरकार को भेजा है। इस खेल नर्सरी में जहां महिला खिलाड़ियों के लिए हॉस्टल होगा, वहीं उनको प्रतिदिन 400 रुपये की डाइट मिलेगी। साथ ही उनको सुरक्षा का वातावरण भी मिलेगा।
नर्सरी दे रही हैंप्रतिभावान महिला कुश्ती खिलाड़ी
फतेहाबाद के भोडियाखेड़ा स्टेडियम मेंं स्थित कुश्ती नर्सरी से अनेक प्रतिभावान खिलाड़ी निकल रही हैं। इस नर्सरी से गांव दौलतपुर की वर्षा गढ़वाल ने हाल ही में खेलो इंडिया गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया है। इससे पहले वह यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्ड व कई अन्य गेम्स में सिल्वर व ब्रांज मेडल ले चुकी है। इसी नर्सरी की एक अन्य खिलाड़ी राजबाला उर्फ चीनू ने तो मात्र 15 साल की उम्र में हाल ही में नेशनल गेम्स में हाल ही में गोल्ड मेडल हासिल किया है। राजबाला ने डेढ़ साल की मेहनत में ही यह मुकाम हासिल किया है। नर्सरी की गोपिका नैन ने भी जुडो, ग्रेपलिंग व कुश्ती में गोल्ड मेडल हासिल किए हैं।
कोट
बाहर से आई महिला कुश्ती खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखना पड़ता है। मैंने अपने स्तर पर उनको किराए पर मकान दिलवा रखे हैं। आवासीय नर्सरी खुलने से खिलाड़ियों को सुरक्षात्मक वातावरण मिलेगा, साथ ही उनको प्रतिदिन डाइट भी अच्छी मिलेगी।
-अनिल, कुश्ती, कोच फतेहाबाद।
कोट
बाहर से आने वाली महिला कुश्ती खिलाड़ियों के लिए आवासीय कुश्ती नर्सरी के लिए मुख्यालय को प्रपोजल भेजा गया है। इस प्रपोजल को जल्द ही अनुमति मिल जाएगी और इसके बाद खेल स्टेडियम में इस नर्सरी को बना दिया जाएगा। अनुमति जल्द ही मिलने की उम्मीद है।
-सतविंद्र गिल, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद।